March 7, 2026

अमेरिका में सस्ती दवाओं के लिए वेबसाइट लॉन्च करेंगे ट्रम्प

Delhi/Alive News: ट्रम्प प्रशासन इस महीने ‘ट्रम्प आरएक्स’ नाम की एक नई सरकारी वेबसाइट लॉन्च करने जा रहा है। इस प्लेटफॉर्म के जरिए मरीज दवा कंपनियों से सीधे कम दामों पर दवाएं खरीद सकेंगे। प्रशासन का दावा है कि इस पहल से अमेरिकी लोगों के दवा खर्च को आठ सौ प्रतिशत तक कम किया जाएगा।

अमेरिकी रेडियो NPR की रिपोर्ट के मुताबिक ट्रम्प प्रशासन ने पिछले साल सितंबर से अब तक 16 बड़ी दवा कंपनियों के साथ समझौते किए हैं। इन समझौतों को ‘मोस्ट फेवर्ड नेशन ’ डील्स कहा गया। बदले में दवा कंपनियों को 3 साल तक इम्पोर्टेड दवाओं पर टैरिफ से छूट मिलेगी।

यह योजना चुनावी वादों और ‘अमेरिका फर्स्ट’ हेल्थ पॉलिसी से जुड़ी मानी जा रही है। ट्रम्प का कहना है कि दूसरे अमीर देश अमेरिका में बनी दवाइयां कम कीमत पर खरीदते हैं, जबकि अमेरिकियों को इसके लिए तीन गुना ज्यादा कीमत चुकाना पड़ता है। यह प्रोग्राम सुनिश्चित करेगा कि दवा कंपनियां उसी दाम पर दवा बेचे जो बाकी देशों में मिल रही है।

अमेरिकी कंपनियां को कम कीमतों पर दवा बेचना होगा

अमेरिकी कंपनियां दवाओं के रिसर्च, टेस्टिंग, फैक्ट्री करोड़ों-खरबों रुपये खर्च करती है। दुनिया भर में यह दवा बेची जाती है। अमेरिका में यह दवा बहुत महंगी है, जबकि यूरोप, कनाडा, जापान जैसे अमीर देशों में वही दवा बहुत सस्ती मिलती है।

दरअसल, उन देशों की सरकार कम कीमत पर दवा खरीदने की मांग करती है और ऐसा न करने पर डील रोकने का खतरा रहता है। बाजार खोने के डर से कंपनियां कम कीमत में दवाइयां मुहैया करवाती है।

ट्रम्प का मानना है कि अमेरिकी लोगों के पैसे से ही नई दवाइयां बनती हैं। दूसरे देश कम पैसा देकर इसका फायदा उठाते हैं। ट्रम्प के मुताबिक वह अमेरिका की मेहनत पर ‘फ्री राइड’ करते हैं।

इसलिए इस MFN प्रोग्राम में फैसला किया गया है कि अब अमेरिका में भी दवा की कीमत सबसे कम होगी जो किसी अमीर देश में मिलती है। कंपनियों से कहा गया कि अमेरिका को भी वही सस्ती डील दो।

इससे विदेशी देशों को भी ज्यादा कीमत चुकानी पड़ेगी, जैसे ब्रिटेन के साथ हुए समझौते में नई दवाओं की कीमत 25% बढ़ाई गई है। अमेरिकी मरीजों को दवाएं सस्ती मिलेंगी, कंपनियों का एक्स्ट्रा पैसा अमेरिका वापस आएगा और देश में दवा बनाने का काम बढ़ेगा।

जॉनसन एंड जॉनसन जैसी कंपनियों के साथ समझौते की तैयारी

ट्रम्प ने दावा किया कि यह अमेरिकी स्वास्थ्य सेवा में मरीजों के लिए अब तक की सबसे बड़ी जीत है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि ज्यादातर अमेरिकियों की जेब पर कोई असर नहीं पड़ेगा। कई लोग इंश्योरेंस से पहले से ही कम पैसे में दवाएं ले रहे हैं।

ट्रम्प ने पहले कई बार दवा भारी टैरिफ की धमकी दी थी, लेकिन अब तक ऐसा नहीं किया। अभी अब्बवी, जॉनसन एंड जॉनसन और रेजेनेरॉन जैसी तीन बड़ी कंपनियां समझौते से बाहर हैं। ट्रम्प ने कहा कि जल्द ही जॉनसन एंड जॉनसन समेत कुछ और कंपनियां कीमत कम करने का ऐलान करेंगी।