Faridabad/Alive News: वैरायटी और उस पर किये गए काम के साथ ही साड़ी की कीमत बढ़ती है। हमारे यहां हैंडलूम में साढ़े तीन सौ से लेकर दो लाख रुपये तक की बैंबू सिल्क साड़ियां बनाकर तैयार की जाती है। बैंबू सिल्क साड़ी के साथ – साथ बंधेज, बनारसी सिल्क, रोज़ सिल्क, कालाम कारी, जूट सिल्क, ब्लॉक, जरी वर्क, टसर और मॉडाल साड़ी भी तैयार की जाती है, जिनको महिलाएं ज्यादातर पसंद करती है।
सेक्टर 12 स्थित एचएसवीपी ग्राउंड में आयोजित स्वदेशी उत्सव एवं सरस मेले में स्टोल नंबर 105 के संचालक मोहम्मद फैज ने जानकारी देते हुए बताया कि वह जगह – जगह मेले में जाकर जैसे सूरजकुंड, भारत मंडपम और अब सरस मेले में उनकी कंपनी मेहक हैंडलूम द्वारा बनाई गई अलग – अलग प्रकार की साड़ियों को बेचते है। साड़ी बनाना उनका पुश्तैनी काम है, जिसे उनकी पीड़ी दर पीड़ी करती आ रही है।
उन्होंने कहा उनके यहां साड़ी साढ़े तीन सौ से लेकर दो लाख रुपये तक बेची जाती है। प्रत्येक साड़ी का दाम उन पर किये गए काम के अनुसार भी अलग – अलग होता है। इस मेले के दौरान उनके पास अड़सठ सौ की टसर की साड़ी थी जिसे लोगों द्वारा खूब पसंद किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि उनकी कंपनी में बंधेज, बनारसी सिल्क, रोज़ सिल्क, कालाम कारी, जूट सिल्क, ब्लॉक, जरी वर्क, टसर, मॉडाल और बैंबू सिल्क जैसी विभिन्न प्रकार की साड़ियां उनके मामा महमूद तौफीक की देखरेख में बनाई जाता है साथ ही आर्डर पर भी साड़ी व लहंगे बनाए जाते है।

