Faridabad/Alive News: अरावली पर्वतमाला की नई परिभाषा को लेकर विरोध तेज हो गया है। सेव अरावली ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने इसके खिलाफ ऑनलाइन हस्ताक्षर अभियान शुरू किया है। ट्रस्ट का दावा है कि रविवार तक देशभर से करीब 40 हजार लोगों ने इस फैसले के विरोध में हस्ताक्षर कर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है, जबकि सोमवार तक यह संख्या 50 हजार तक पहुंचने की उम्मीद है।
ट्रस्ट पदाधिकारियों के अनुसार सोमवार को विरोध स्वरूप जिला उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसके साथ ही इस मुद्दे को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने की भी तैयारी की जा रही है।
सेव अरावली ट्रस्ट के पदाधिकारी जितेंद्र भड़ाना ने कहा कि अरावली की नई परिभाषा से पर्वतमाला के बड़े हिस्से के नष्ट होने का खतरा बढ़ गया है, जिससे गंभीर पर्यावरणीय संकट पैदा हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि स्वच्छ हवा और प्रदूषण से राहत के लिए अरावली का संरक्षण बेहद जरूरी है, इसलिए इस निर्णय पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए।
उन्होंने बताया कि सरकार ने अरावली पर्वतमाला में केवल उन्हीं पर्वतों को शामिल करने का प्रस्ताव रखा है, जिनकी ऊंचाई कम से कम 100 मीटर है, जबकि अरावली क्षेत्र में कई पर्वत ऐसे हैं जिनकी ऊंचाई इससे कम है। ट्रस्ट ने इस प्रस्ताव को वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि यह केवल वन क्षेत्र का नहीं, बल्कि लाखों लोगों की जलवायु सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा है।
अरावली पर्वतमाला को लेकर विरोध हुआ तेज, ऑनलाइन हस्ताक्षर अभियान किया शुरू

