March 8, 2026

सीवर समस्या के समाधान की दिशा में कदम, सर्वे शुरू

Faridabad/Alive News: औद्योगिक शहर फरीदाबाद में लंबे समय से चली आ रही सीवर समस्या के समाधान के लिए राज्य सरकार ने ठोस कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में ओल्ड फरीदाबाद में सीवर लाइनों के रखरखाव और संचालन के लिए एक एजेंसी को पांच वर्ष का कॉन्ट्रैक्ट देने की मंजूरी दी गई है।

इसके साथ ही एनआईटी विधानसभा क्षेत्र में सीवर लाइनों की स्थिति का आकलन करने के लिए सर्वे कराने के निर्देश जारी किए गए हैं। नगर निगम ने यह सर्वे कार्य वेबकूर्स एजेंसी को सौंपा है। सर्वे के माध्यम से यह तय किया जाएगा कि बढ़ती आबादी के अनुपात में मौजूदा सीवर लाइनों को बदलने या अपग्रेड करने की आवश्यकता है या नहीं।

एजेंसी द्वारा एनआईटी क्षेत्र के सभी नौ वार्डों में सर्वे किया जाएगा और इसकी रिपोर्ट नगर निगम आयुक्त को सौंपी जाएगी। इसके बाद निगम यह रिपोर्ट शहरी स्थानीय निकाय मुख्यालय को भेजेगा। रिपोर्ट के आधार पर जिन वार्डों में सीवर लाइनें आबादी के अनुसार अपर्याप्त पाई जाएंगी, वहां उन्हें बदलने का कार्य किया जाएगा। सर्वे पूरा होने के बाद एजेंसी एक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) भी तैयार करेगी।

उल्लेखनीय है कि एनआईटी क्षेत्र में सीवर लाइन की सफाई का कार्य हाल ही में तीन महीने से अधिक समय तक चला। फरीदाबाद मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी द्वारा 72 इंच की मुख्य सीवर लाइन की सफाई के लिए पूरी तरह से अलग लाइन भी बिछाई गई थी, लेकिन इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया। एनआईटी के कई वार्डों में हल्की बारिश के दौरान भी सीवर ओवरफ्लो की स्थिति बन जाती है।

विशेषज्ञों के अनुसार, इसका मुख्य कारण यह है कि सीवर लाइनें काफी पहले बिछाई गई थीं और उसके बाद क्षेत्र में आबादी तेजी से बढ़ी है, जिससे मौजूदा लाइनें छोटी पड़ गई हैं। इसके अलावा, कई स्थानों पर वर्कशॉप और डेयरी संचालकों द्वारा सीवर लाइनों में अवैध कनेक्शन जोड़े गए हैं और कचरा डाले जाने से समस्या और गंभीर हो गई है। वार्ड छह और सात में सीवर ओवरफ्लो की शिकायतें सबसे अधिक सामने आ रही हैं।

वेबकूर्स एजेंसी द्वारा अब तक दो वार्डों में सर्वे का कार्य पूरा कर लिया गया है, जबकि शेष सात वार्डों में सर्वे पूरा करने के लिए दो महीने का समय निर्धारित किया गया है। सर्वे के बाद नगर निगम द्वारा मिनी एसटीपी लगाने और आवश्यकतानुसार सीवर लाइनों को बदलने का कार्य भी किया जाएगा।