March 7, 2026

‘सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव’ का भव्य समापन

Delhi/Alive News: देश की राजधानी स्थित भारत मंडपम में आयोजित दो दिवसीय ‘सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव’ का समापन शौर्य, संस्कृति और राष्ट्र-संकल्प के संदेश के साथ हुआ। महोत्सव में देशभर से आए 3 हजार से अधिक हिंदू भक्तों और 8 सौ से अधिक संगठनों के पदाधिकारियों ने सहभागिता की। इस दौरान संत-महंतों, विचारकों, उद्योजकों, अधिवक्ताओं और रक्षा विशेषज्ञों ने सनातन संस्कृति के संरक्षण और सनातन राष्ट्र की स्थापना का दृढ़ संकल्प व्यक्त किया।

महोत्सव के समापन अवसर पर आयोजित ‘सनातन राष्ट्र संकल्प संत सभा’ को संबोधित करते हुए विश्व हिंदू परिषद के सह महामंत्री स्वामी विज्ञानानंद जी ने कहा कि जो राष्ट्र हिंदू जीवन-पद्धति अपनाएगा, वही सच्चे अर्थों में हिंदू राष्ट्र बनेगा। उन्होंने कहा कि भारत को केवल हिंदू राष्ट्र ही नहीं, बल्कि “प्रजासत्ताक हिंदू राष्ट्र” बनाने के लिए समाज को संगठित प्रयास करने होंगे।

‘पावन चिंतनधारा आश्रम’ के संस्थापक पूज्य पवन सिन्हा गुरुजी ने चरित्र निर्माण पर आधारित शिक्षा नीति की आवश्यकता बताते हुए केंद्र सरकार से इस दिशा में ठोस कदम उठाने का आह्वान किया। वहीं हिंदू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय प्रवक्ता रमेश शिंदे ने संविधान में धार्मिक आधार पर भेदभाव का मुद्दा उठाते हुए समानता के सिद्धांत पर प्रश्न खड़े किए।

छत्तीसगढ़ के शदाणी दरबार के पीठाधीश्वर प.पू. युधिष्ठिर लाल महाराज ने उपस्थित जनसमूह से अपने-अपने क्षेत्रों में सनातन राष्ट्र स्थापना के कार्य को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में शस्त्र-प्रदर्शन और ‘सुरक्षा, संस्कृति और शौर्य’ विषय पर मार्गदर्शन भी दिया गया।

महोत्सव का समापन ‘वंदे मातरम्’ के सामूहिक गायन के साथ हुआ। आयोजन में भारत सरकार के कला एवं संस्कृति विभाग, भाषा विभाग, सांस्कृतिक मंत्रालय तथा दिल्ली पर्यटन विभाग का सहयोग रहा।