March 7, 2026

ऑस्ट्रेलिया में यहूदी समुदाय पर हमला करने वाला आतंकी भारतीय मूल का, 27 साल पहले छोड़ा था देश

International/Alive News: ऑस्ट्रेलिया के सिडनी स्थित बॉन्डी बीच पर 14 दिसंबर को हुए आतंकी हमले का आरोपी साजिद अकरम भारतीय मूल का था। इस हमले में 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि 40 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आतंकी साजिद अकरम भी मारा गया, जबकि उसका बेटा घायल हो गया।

50 वर्षीय साजिद अकरम मूल रूप से तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद का रहने वाला था। उसने हैदराबाद से बी.कॉम की पढ़ाई की थी और नवंबर 1998 में स्टूडेंट वीजा पर ऑस्ट्रेलिया गया था। बाद में उसने यूरोपीय मूल की महिला वेनेरा ग्रोसो से शादी की और वहीं स्थायी रूप से बस गया।

परिवार वालों का कहना है कि साजिद ने ईसाई महिला से शादी करने के बाद उनसे सारे रिश्ते तोड़ लिए थे। परिवार के अनुसार, कई सालों से उनका साजिद से कोई संपर्क नहीं था। हालांकि, साजिद के पास अब भी भारतीय पासपोर्ट था।

साजिद का बेटा नवीद अकरम (24) ऑस्ट्रेलिया का नागरिक है। उसकी एक बेटी भी है। तेलंगाना पुलिस के मुताबिक, भारत में साजिद के खिलाफ किसी भी तरह का आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है।

2022 में आखिरी बार आया था भारत
परिजनों के अनुसार, पिछले 27 सालों में साजिद का परिवार से बहुत कम संपर्क रहा। वह ऑस्ट्रेलिया जाने के बाद कुल छह बार भारत आया था, जिनमें अधिकतर दौरे पारिवारिक और संपत्ति से जुड़े मामलों के लिए थे। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, साजिद आखिरी बार 2022 में भारत आया था। परिवार ने यह भी बताया कि उसके पिता के निधन के समय वह भारत नहीं आया।

परिवार का कहना है कि उन्हें साजिद या उसके बेटे के किसी भी तरह के कट्टरपंथी विचारों या गतिविधियों की जानकारी नहीं थी।

फिलीपींस में की थी हमले की तैयारी
इससे पहले एक रिपोर्ट में बताया गया था कि साजिद अपने बेटे नवीद के साथ 1 नवंबर को फिलीपींस गया था। वहां दोनों करीब एक महीने तक रुके और हमले की तैयारी की। दोनों फिलीपींस के दावो शहर गए थे, जो दक्षिणी मिंडानाओ द्वीप पर स्थित है और उग्रवादी गतिविधियों के लिए जाना जाता है।

हमलावरों की गाड़ी से इस्लामिक स्टेट (ISIS) के दो झंडे भी बरामद हुए हैं, जिससे उनके आतंकी संगठन से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है।

3 भारतीय छात्र भी घायल
इस आतंकी हमले में 3 भारतीय छात्र भी घायल हुए हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार, इनमें से कम से कम दो छात्र अस्पताल में भर्ती हैं।

ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने कहा है कि हमलावरों की सोच इस्लामिक स्टेट से प्रभावित थी। उन्होंने कहा कि कट्टरपंथी विचारधारा समाज के लिए गंभीर खतरा है और सरकार इससे सख्ती से निपटेगी।