Faridabad/Alive News : सालाना परीक्षाएं शुरू होने में सिर्फ दो महीने बचे हैं। स्टूडेंट्स का सिलेबस अभी भी अधूरा है। 26 नवंबर को जब शिक्षा निदेशालय ने एक लेटर जारी कर टीचरों को नॉन-एकेडमिक कामों से मुक्त कर दिया, तो राहत की सांस ली गई, लेकिन यह आदेश सिर्फ कागजी कार्रवाई तक ही सीमित रहा। BLO की ड्यूटी बढ़ा दी गई है। पांचवीं क्लास के स्टूडेंट्स को बच्चों को पढ़ाने और उनकी देखभाल के लिए रखा जा रहा है। अगर परीक्षा का रिजल्ट खराब आया, तो टीचरों को जिम्मेदार ठहराया जाएगा। BLO ड्यूटी पर तैनात एक महिला टीचर ने इस तरह अपना दर्द बयां किया।
जिले में करीब 378 प्राइमरी, हाई और सीनियर सेकेंडरी सरकारी स्कूल चल रहे हैं, जिनमें करीब 1.25 लाख स्टूडेंट्स पढ़ते हैं। सरकारी स्कूलों में पहले से ही टीचरों की कमी है, जिससे हेड टीचरों के लिए काम संभालना मुश्किल हो रहा है। नवंबर की शुरुआत में टीचरों को BLO ड्यूटी पर लगाने के आदेश जारी किए गए थे, लेकिन बाद में शिक्षा निदेशालय ने उन्हें नॉन-एकेडमिक कामों से मुक्त करने के आदेश जारी कर दिए।
डायरेक्टरेट ने टीचरों की गैर-एकेडमिक कामों के लिए ड्यूटी को राइट टू एजुकेशन (RTE) का उल्लंघन बताया है, फिर भी फरीदाबाद के टीचरों को अभी भी BLO ड्यूटी पर लगाया गया है। कई स्कूलों ने अपने 100% टीचरों को लगा दिया है। स्कूल रोस्टर बेसिस पर चलाए जा रहे हैं। कुछ स्कूलों में तो एक ही टीचर एक साथ दो क्लास पढ़ा रहा है।
टीचरों की BLO ड्यूटी से स्कूल सिस्टम में रुकावट आ रही है। टीचरों की गैर मौजूदगी में 5वीं और उससे ऊपर की क्लास के स्टूडेंट्स प्राइमरी क्लास संभालते दिख रहे हैं। गांव एतमादपुर, पल्ला, सेहतपुर और खेड़ीपुल के सरकारी स्कूलों में भी ऐसी ही घटनाएं देखने को मिलीं। गांव एतमादपुर के सरकारी स्कूल में 1,000 स्टूडेंट्स पर सिर्फ 10 टीचर दिखे और 26 टीचरों को BLO ड्यूटी दी गई। फरीदाबाद डिवीजन के एक सरकारी स्कूल में कोई बच्चा नहीं दिखा। बताया गया कि BLO ड्यूटी में बिजी होने की वजह से टीचरों को छुट्टी दे दी गई थी।
यह भी ध्यान देना चाहिए कि बोर्ड और सालाना एग्जाम नजदीक आ रहे हैं। अगर यही हाल रहा तो पिछले सालों की तरह इस साल भी सरकारी स्कूलों के रिजल्ट खराब आ सकते हैं। फरीदाबाद के सरकारी स्कूलों का सत्र 2024-25 में 10वीं और 12वीं क्लास का बोर्ड रिजल्ट प्रदेश के 22 डिस्ट्रिक्ट की लिस्ट में सबसे नीचे रहा।
क्या कहना है अध्यापक एसोसिएशन के प्रेसिडेंट का
डायरेक्टोरेट के ऑर्डर के बावजूद टीचर्स को BLO की ड्यूटी दी जा रही है। इससे स्टूडेंट्स की पढ़ाई पर असर पड़ रहा है। क्लास लेना और बच्चों को संभालना मुश्किल हो रहा है। टीचर्स को नॉन-एकेडमिक ड्यूटी से फ्री किया जाना चाहिए ताकि वे बच्चों पर फोकस कर सकें।
-चतर सिंह, प्रेसिडेंट, हरियाणा प्राइमरी टीचर्स एसोसिएशन।
क्या कहना है अधिकारी का
डिस्ट्रिक्ट इलेक्शन ऑफिसर के ऑर्डर के हिसाब से BLO की ड्यूटी लगाई गई है। एजुकेशन डिपार्टमेंट इसमें कुछ नहीं कर सकता। स्कूलों में ऐसे इंतज़ाम करने की कोशिश की जा रही है ताकि स्टूडेंट्स की पढ़ाई पर असर न पड़े।
–डॉ. मनोज मित्तल, डिप्टी डिस्ट्रिक्ट एजुकेशन ऑफिसर।

