March 7, 2026

हरियाणा में शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से मिलेगी राहत, अब केवल पढ़ाई पर रहेगा फोकस

Panchkula/Alive News: हरियाणा के महानिदेशक मौलिक शिक्षा ने बड़ा कदम उठाते हुए 26 नवंबर को आदेश जारी किया है कि अब राज्य में किसी भी शिक्षक की ड्यूटी गैर-शैक्षणिक कार्यों में नहीं लगाई जाएगी। सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे इस आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें।

आदेश में यह भी कहा गया है कि जो शिक्षक फिलहाल गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगे हुए हैं, उन्हें तुरंत वहां से हटाकर उनके मूल स्कूल में वापस भेजा जाए। शिक्षा विभाग ने यह निर्णय शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 की धारा-27 के तहत लिया है, जिसमें साफ लिखा है कि शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों में नहीं लगाया जा सकता।

हरियाणा अभिभावक एकता मंच ने इस कदम का स्वागत किया है। मंच के प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट ओ.पी. शर्मा और महासचिव कैलाश शर्मा ने कहा कि पहले भी ऐसे आदेश आए हैं, लेकिन उनका पालन सख्ती से नहीं हुआ। उन्होंने अधिकारियों पर आरोप लगाया कि वे कई बार दबाव में आकर शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक ड्यूटी में लगा देते हैं।

मंच के प्रदेश संरक्षक सुभाष लांबा और लीगल एडवाइजर एडवोकेट बी.एस. विरदी ने कहा कि सरकारी स्कूलों में पहले ही शिक्षकों की कमी है। ऐसे में गैर-शैक्षणिक कामों में लगाने से पढ़ाई पर असर पड़ता है और परीक्षा परिणाम भी बिगड़ते हैं।

मंच ने सभी शिक्षक संगठनों से अपील की है कि वे इस आदेश के सख्त पालन को सुनिश्चित कराएं, जिससे छात्रों की पढ़ाई लगातार और बेहतर तरीके से चल सके।