Faridabad/Alive News: यमुना में आई बाढ़ से फसल व अन्य नुकसान की रिपोर्ट को सरकार ने दोबारा से तस्दीक करके राजस्व विभाग से भेजने के लिए कहा है। इससे प्रभावित किसानों दिलों की धड़कन बढ़ गई है और अंदाजा लगाया जा रहा है बहुत ही कम को मुआवजा दिया जाएगा। दोबारा की सूची में काफी किसानों की छटनी कर दी जाएगी।
यमुना में अगस्त के आखिर और सितंबर के शुरू में आई वर्षा से किनारे बसे गांव बसंतपुर, जसाना, किडावली, अमीपुर, शिडाक, तिलोरी, अलीपुर, परवरिश, मंझावली, घुडासन, घरोडा, बेला, इमामुद्दीनपुर, शाहजहांपुर, चांदपुर, साहूपुरा खादर, अरुआ, लतीफपुर, दूल्हेपुर, नंगला, मोठूका, छांयसा, छांयसा पंचायती झुग्गी व मोहना की करीब 13 हजार एकड़ भूमि की फसल बर्बाद हो गई। इन फसलों में धान, बाजरा, ईख, ज्वार, सब्जियां शामिल हैं।
जिन किसानों की फसलों में नुकसान हुआ था, उन्होंने सरकार के नियम के अनुसार ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर अपलोड किया। बाद में राजस्व विभाग के पटवारियों ने मौके पर पहुंच कर फसलों के नुकसान को तस्दीक करके रिपोर्ट भेजी थी। राजस्व विभाग ने जो रिपोर्ट भेजी है, उसके अनुसार सरकार मुआवजा नहीं देना चाहती। इसलिए प्रशासन ने नुकसान की दोबारा से जांच व तस्दीक करके नुकसान की रिपोर्ट भेजने के लिए कहा है।

