Faridabad/Alive News: बस स्टॉप पर बसों के रूट का कोई चार्ट नहीं है जिस कारण यात्री हमेशा असमंजस की स्थिति में रहते है और फिर वो प्राइवेट ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करते है जिसकी वजह से सरकार के परिवहन विभाग को घाटे का सामना करना पड़ता है। ऐसा ही हाल ओल्ड फरीदाबाद मेट्रो स्टेशन, अज़रौंदा चौक और बीके चौक बस स्टॉप पर देखने को मिल रहा है।

ओल्ड फरीदाबाद मेट्रो स्टेशन और अज़रौंदा चौक बस स्टॉप पर बसों के रूट का कोई चार्ट नहीं लगा हुआ है, जिस कारण बस से सफर करने वाले यात्रियों को काफी परेशानी होती है। उन्हें आस – पास मौजूद लोगों और रेहड़ी – टपरी वाले लोगो से बस के बारे में पूछना पड़ता है कि कौन-सी बस किस समय आएगी और कौन से रूट से जाएगी। यात्रियों को बसों के रूट की जानकारी न मिलने के कारण वह प्राइवेट ट्रांसपोर्ट का रुख करते है। जिसकी वजह से सरकारी बस खाली जाती है और विभाग को घाटे का सामना करना पड़ता है। इसका एक बड़ा उदाहरण सरकार द्वारा फरीदाबाद और बल्लभगढ़ में चलाई गई सिटी बसे नुकसान के कारण बंद करनी पड़ी। वहीं बीके चौक बस स्टॉप पर बस रूट का चार्ट तो छोड़ो इस बस स्टॉप के आस- पास से जाने व आने वाले लोगों को तो यह भी नहीं पता कि यहां कोई बस स्टॉप है। क्योंकि बीके चौक बस स्टॉप काफी पुराना होने की वजह से इस बस स्टॉप का नाम मिट चुका है। कई लोग तो इस बस स्टॉप पर आते भी है तो वह यहां अतिक्रमण होने की वजह से दूर ही खड़े होकर बस का इंतजार करते है, नहीं तो बीके चौक के मुख्य चौराहे पर जाकर बस का इंतजार करते है।

धूल और गंदगी से भरे बस स्टॉप
ओल्ड फरीदाबाद मेट्रो स्टेशन, हार्डवेयर चौक अज़रौंदा चौक और बीके चौक बस स्टॉप के आसपास धूल और कूड़े का अंबार लगा रहता है। इन बस स्टॉप पर सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप है और इन स्टॉप की हालत इतनी खराब हो गई है की इनकी सीटे जगह – जगह से टूट चुकी है और कई जगह रेहड़ी पटरी वालों के अतिक्रमण की वजह से घिरे पड़े है।

नहीं रुकती बस अपने स्टॉप पर
बस चालक बस स्टॉप होने के बावजूद भी बस को बस स्टॉप पर न रोककर कही पर भी रोक देते हैं। बस चालकों की इस लापरवाही के कारण चौक चौराहों पर जाम की स्थिति पैदा हो जाती है।
क्या कहना है यात्रियों का
मैं हमेशा अपनी नौकरी पर जाने के लिए पहले से ही सिटी बस का इस्तेमाल करती थी, लेकिन रूट का टाइम टेबल पता न होने की वजह से प्राइवेट ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल इस्तेमाल करती हुं जिसका किराया काफी महंगा होता है और आके माध्यम से मुझे अब पता चल है कि सिटी बस बंद हो चुकी है। गरीब लोगों के लिए इस बस से सफर सस्ता पड़ता था।
– कामिनी, स्थानीय निवासी बल्लभगढ़
मैं गुड़गांव में जॉब करता हूं मुझे हर रोज नौकरी के लिए गुड़गांव जाने के लिए बस का इस्तेमाल करता हूं लेकिन बसों का रूट और टाइम टेबल न पता होने की वजह से अधिकतर प्राइवेट केब और इको से गुड़गांव से फरीदाबाद आवागमन करना पड़ता है।
– मोहित, स्थानीय निवासी एनआईटी
मैं हमेशा कॉलेज जाने के लिए सिटी बसों का इंतजार करती थी। कई घंटों तक बस का इंतजार करने पर भी बस नहीं आती थी। तो मुझे कॉलेज प्राइवेट ट्रांसपोर्ट से जाना पड़ता था। जिसका किराया सिटी बस की तुलना में काफी ज्यादा महंगा होता है लेकिन सरकार ने घाटे की वजह से सिटी बस ही बंद कर दी है।
– रोशनी, स्थानीय निवासी बसंतपुर
मैं अक्सर अज़रौंदा चौक से गुड़गाम बस से जाता हूं। बस चालकों की मनमानी को मैं हमेशा नोट करता आ रहा हूं कि यह लोग न तो बस को बस स्टॉप पर न रोककर बीके चौक पर सड़क के बीचों – बीच बस खड़ी करके सवारियां भरते हैं जिस कारण यहां अक्सर जाम लग जाता है।
– दीप, स्थानीय निवासी सेक्टर

