Faridabad/Alive News: उपायुक्त एवं अध्यक्ष ज़िला रेडक्रॉस सोसाइटी फरीदाबाद विक्रम सिंह के निर्देशानुसार तथा सचिव बिजेंद्र सौरोत के मार्गदर्शन में राजकीय बालिका वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, एनआईटी-3 के प्रांगण में चल रहे जूनियर रेडक्रॉस प्रशिक्षण शिविर के चौथे दिन का शुभारंभ रेडक्रॉस प्रार्थना से किया गया।
कार्यक्रम में एम.सी. धीमान, प्राथमिक चिकित्सा प्रवक्ता, रेडक्रॉस सोसाइटी फरीदाबाद ने छात्रों को रेडक्रॉस चिन्ह के उपयोग और दुरुपयोग के विषय में जागरूक किया। उन्होंने बताया कि रेडक्रॉस का प्रतीक अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के तहत संरक्षित है और इसका उपयोग केवल सशस्त्र संघर्षों के दौरान सैन्य चिकित्सा कर्मियों व घायल व्यक्तियों की पहचान हेतु किया जाता है। अनधिकृत उपयोग करने पर जुर्माना या जेल तक का प्रावधान है।
कुमारी रिया, नर्सिंग स्टाफ, ने छात्राओं को स्वच्छता के महत्व के बारे में विस्तार से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि स्वच्छता जीवन का अभिन्न अंग है और इसे बचपन से अपनाने पर यह हमारी आदत बन जाती है। स्वच्छता न केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य बल्कि सामाजिक स्वास्थ्य के लिए भी आवश्यक है।
नरेंद्र सिरोही, प्राथमिक चिकित्सा प्रवक्ता, ने छात्रों को नैतिक शिक्षा के महत्व से परिचित कराया। उन्होंने कहा कि नैतिक शिक्षा चरित्र निर्माण, सही और गलत की पहचान करने तथा जिम्मेदार नागरिक बनने में अहम भूमिका निभाती है। यह युवाओं को जीवन की चुनौतियों का सामना करने और समाज में सकारात्मक योगदान देने के लिए प्रेरित करती है।
इसके बाद हिमांशु, प्राथमिक चिकित्सा प्रवक्ता, ने प्रैक्टिकल के माध्यम से फ्रैक्चर के कारण, लक्षण और प्राथमिक उपचार के बारे में जानकारी दी। उन्होंने समझाया कि अत्यधिक बल पड़ने पर हड्डियों में आंशिक या पूर्ण टूट-फूट होती है, जिसे फ्रैक्चर कहते हैं। इसके लक्षणों में दर्द, सूजन और प्रभावित अंग को हिलाने में कठिनाई शामिल है।
डॉ. अमरदीप सिंह, सदस्य किशोर न्याय बोर्ड, ने पॉक्सो अधिनियम (POCSO Act) के बारे में छात्रों को जागरूक किया। उन्होंने बताया कि यह अधिनियम बच्चों को यौन शोषण से सुरक्षा प्रदान करता है और इसमें बालिकाओं के साथ-साथ बालकों के साथ होने वाले किसी भी प्रकार के अश्लील व्यवहार को भी अपराध की श्रेणी में रखा गया है।
कार्यक्रम में डॉ. एम.पी. सिंह, आजीवन सदस्य रेडक्रॉस सोसायटी, ने विद्यार्थी जीवन में अनुशासन के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि अनुशासन आत्म-नियंत्रण, निर्णय क्षमता और निरंतरता को विकसित करता है, जिससे छात्रों का शैक्षणिक और व्यक्तिगत विकास बेहतर होता है।
शिविर के अंत में विभिन्न विद्यालयों से आए छात्रों के बीच नुक्कड़ नाटक प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें सामाजिक मुद्दों पर प्रभावशाली प्रस्तुति दी गईं। इस अवसर पर प्राथमिक चिकित्सा प्रवक्ता मनदीप, अरविंद शर्मा, मनमोहन शर्मा, चालक अजय देव, सेवादार रामकिशोर, रामबरन एवं विद्यालय स्टाफ ने पूर्ण सहयोग प्रदान किया।

