Faridabad/Alive News: भारत सरकार ने फरीदाबाद को देश की पहली डिजिटल जनगणना का परीक्षण केंद्र बनाया है। यह परीक्षण 10 नवंबर से 30 नवंबर 2025 तक चल रहा है। इसके तहत आज सेक्टर-29 हाउसिंग बोर्ड में जनगणना की डिजिटल ट्रेनिंग आयोजित की गई, जिसमें रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके साथ हरियाणा के निदेशक ललित जैन और फरीदाबाद के उपायुक्त विक्रम सिंह भी उपस्थित रहे।
मृत्युंजय कुमार नारायण ने कहा कि जनगणना देश के विकास और नीतियों की नींव है। यह पूरी तरह डिजिटल तरीके से की जाएगी, जिसमें मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से आंकड़े सीधे दर्ज होंगे। इससे आंकड़े अधिक सटीक, तेज़ और पारदर्शी बनेंगे। उन्होंने बताया कि जनगणना दो चरणों में होगी —हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन (अप्रैल 2026 से), जनसंख्या गणना (Population Enumeration) (फरवरी 2027 में)।
उन्होंने कहा कि यह डिजिटल प्रक्रिया पहली बार देश में लागू की जा रही है, जिससे समय और संसाधनों की बचत होगी। हर व्यक्ति की भागीदारी ज़रूरी है ताकि कोई भी व्यक्ति जनगणना से वंचित न रहे।
निदेशक ललित जैन ने बताया कि यह प्री-टेस्ट हरियाणा के फरीदाबाद, हिसार और पंचकूला जिलों में चल रहा है। इसमें स्कूलों के शिक्षक और कर्मचारी बतौर प्रगणक (Enumerators) और पर्यवेक्षक (Supervisors) भाग ले रहे हैं। हरियाणा में 124 एन्यूमरेशन ब्लॉक्स बनाए गए हैं, जहां मोबाइल ऐप के ज़रिए डेटा इकट्ठा किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि यह पूरी प्रक्रिया पेपरलेस होगी और 15 नवंबर तक सभी क्षेत्रों की जियो-टैगिंग पूरी कर ली जाएगी। इसके बाद हाउस लिस्टिंग सर्वे शुरू होगा।
उपायुक्त विक्रम सिंह ने बताया कि फरीदाबाद प्रशासन इस कार्य को पूरी निष्ठा और कुशलता से कर रहा है। जैसे चुनावों को सफलतापूर्वक पूरा किया गया, वैसे ही यह डिजिटल जनगणना भी पूरी पारदर्शिता से संपन्न की जाएगी।
कार्यक्रम के अंत में मृत्युंजय कुमार नारायण, ललित जैन और विक्रम सिंह ने सेक्टर-29 में घर-घर जाकर मोबाइल ऐप से डेटा दर्ज करने की डेमो प्रक्रिया का निरीक्षण किया।
इस अवसर पर अतिरिक्त आयुक्त सलोनी शर्मा, डॉ. विजयपाल यादव, एसडीएम अमित कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी अंशु सिंगला, एडीसीओ कृष्ण कुमार और आरडब्ल्यूए अध्यक्ष निशा खान सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।

