March 8, 2026

आने वाले दो दिनों में कब मनाएं दिवाली, क्या है शुभ मुहूर्त जानिए?

Faridabad/Alive News: हिंदू धर्म में दिवाली का पर्व प्रतिपदा मुक्त अमावस्या तिथि में मनाया जाता है। र्मिक मान्यताओं के मुताबिक, जब 14 वर्ष बाद भगवान श्री राम वनवास से लौटकर अयोध्या वापस आए थे, तो लोगों ने घी के दीपक जलाए थे। तभी से ही दिवाली मनाई जाती है। इस साल श्री शुभ संवर्त 2082 शाके 1947 कार्तिक कृष्ण अमावस्या तिथि 20 अक्टूबर दिन सोमवार को बड़े ही धूमधाम के साथ विश्व भर में मनाई जाएगी। अमावस्या तिथि 20 अक्टूबर दिन सोमवार को दिन में 2 बजकर 32 मिनट से आरंभ होकर अगले दिन अर्थात 21 अक्टूबर 2025 दिन मंगलवार को दिन में 4 बजकर 25 मिनट तक व्याप्त है। इस प्रकार अमावस्या की सम्पूर्ण रात 20 अक्टूबर को ही मिल रहा है। 

20 अक्टूबर दिन सोमवार को ही प्रदोष काल का भी बहुत ही उत्तम योग मिल रहा है। इस प्रकार प्रदोष काल में ही माता लक्ष्मी, भगवान गणेश एवं कुबेर आदि सहित दीपावली पूजन का श्रेष्ठ विधान है तथा प्रदोष काल में ही दीप प्रज्वलित करना उत्तम फल दायक होता है।

दीपावली पूजन हेतु 20 अक्टूबर दिन सोमवार को शुभ चौघड़िया समय

— दोपहर 2 बजकर 32 मिनट से सायं 5 बजकर 40 मिनट तक चर, लाभ एवं अमृत घौघड़िया।

– रात में 5 बजकर 40 मिनट से 7 बजकर 15 मिनट तक चर

 – रात में 10 बजकर 25 मिनट से 12 बजे तक

– रात में 1 बजकर 35 मिनट से भोर 4 बजकर 45 मिनट तक शुभ व चर चौघड़िया 

क्या है शुभ मुहूर्त 

– रात 7 बजकर 8 मिनट से 8 बजकर 18 मिनट तक

– अवधि एक घंटा 11 मिनट 

– अमावस्या तिथि प्रारंभ – 20 अक्टूबर 2025 को 3 बजकर 44 मिनट तक

– अमावस्या तिथि समाप्त-  21अक्टूबर 2025 को 5 बजकर 54 मिनट तक 

क्या करें उपाय 

दिवाली के दिन कुबेर यंत्र और श्री यंत्र की पूजा करना बेहद, शुभ माना जाता है। इसलिए इस दिन कुबेर यंत्र को स्थापित कर पूरे विधि – विधान से पूजा जरुर करे।