March 8, 2026

शिक्षक केवल पढ़ाने वाला नहीं, समाज का मार्गदर्शक होता है – डॉ. जगदीश चौधरी

Faridabad/Alive News: एक अच्छा अध्यापक वही होता है जो शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारियों का भी निर्वहन करता है। अध्यापक ही एक ऐसा प्राणी है जो सभी प्राणियों में सर्वश्रेष्ट प्राणी हैं। अन्य प्राणियों से उसे उसकी शिक्षा और उनकी बुद्धिमत्ता अलग करती हैं। यह बात नंगला एन्क्लेव पार्ट-2 स्थित सर्वोत्तम पब्लिक स्कूल में अलाइव न्यूज़ द्वारा आयोजित अध्यापक प्रशिक्षण कार्यशाला में बोलते हुए मुख्य वक्ता एवं शिक्षाविद और बालाजी शिक्षण संस्थान के निदेशक डॉ. जगदीश चौधरी ने शिक्षकों को प्रशिक्षित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि अध्यापकों को अध्यापन को सिर्फ एक नौकरी नहीं समझना चाहिए बल्कि वह उन पर समाज के निर्माण की एक बड़ी जिम्मेदारी है।

डॉ. चौधरी ने कहा कि एक अच्छा अध्यापक वही होता है जो न केवल बच्चों को पढ़ाता है बल्कि उनके अंदर प्रश्न पूछने और सोचने की क्षमता को भी विकसित करता है। उन्होंने बताया कि बच्चों को डांटना या डराना उनकी जिज्ञासा को खत्म कर देने जैसा है, जिससे वे सवाल पूछने से हिचकिचाने लगते हैं। इसलिए अध्यापक को हमेशा बच्चों को प्रोत्साहित करना चाहिए ताकि उनमें सीखने की रुचि बनी रहे।

उन्होंने कहा कि अध्यापक सिर्फ स्कूल में ही नहीं बल्कि समाज में भी एक आदर्श अध्यापक होता है। बच्चे अपने अध्यापकों को देखकर सीखते हैं, इसलिए अध्यापकका आचरण हमेशा सभ्य, जिम्मेदार और प्रेरणादायक होना चाहिए। डॉ. चौधरी ने अध्यापकोंसे कहा कि वे अपने मानसिक संतुलन को बनाए रखें और अपनी समस्याओं को सहकर्मियों व विद्यार्थियों के साथ खुलकर साझा करें। इससे स्कूल और कक्षा का वातावरण सकारात्मक बना रहता है और शिक्षण प्रक्रिया में सुधार आता है।

डॉ. चौधरी ने “राइट टू चॉइस थ्योरी” का उदाहरण देते हुए बताया कि निर्णय लेने की प्रक्रिया को समझना हर अध्यापक के लिए जरूरी है। उन्होंने कहा कि अध्यापकको अपनी सोच और व्यवहार में लचीलापन रखना चाहिए ताकि बच्चे उनसे बेहतर संवाद कर सकें।

कार्यशाला के दौरान एक प्रश्नोत्तर सत्र भी किया गया, जिसमें शिक्षकों ने अपनी अध्यापन से जुड़ी चुनौतियों और अनुभवों को साझा किया। डॉ. चौधरी ने सभी प्रश्नों के व्यावहारिक समाधान दिए और अध्यापकों को अध्यापन पद्धतियों को आधुनिक बनाने की सलाह दी।

कार्यक्रम के अंत में स्कूल के प्रबंधक शालिन कौशिक ने मुख्य अतिथि का धन्यवाद किया और कहा कि इस तरह की कार्यशालाएं अध्यापकों में नई सोच और समझ को पैदा करती हैं। उन्होंने ‘अलाइव न्यूज़’ टीम की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन से शिक्षा की गुणवत्ता में निश्चित रूप से सुधार होगा।

इस कार्यशाला ने शिक्षकों को न केवल शिक्षण तकनीकों पर बल्कि मानसिक शांति, व्यवहारिक कौशल और सामाजिक जिम्मेदारियों पर भी सोचने के लिए प्रेरित किया। इससे अध्यापकों के अभिभावकों और छात्रों के बीच बेहतर संबंध बनेंगे और समाज में शिक्षा का स्तर और ऊंचा होगा।