March 10, 2026

नवरात्रि के सातवें दिन श्री महारानी वैष्णो देवी मंदिर में हुई मां कालरात्रि की पूजा, के.सी. लखानी ने लगाई हाजिरी

Faridabad/Alive News: सातवें नवरात्रि के अवसर पर श्री महारानी वैष्णो देवी मंदिर में मां कालरात्रि की भव्य पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने माता रानी के दरबार में हाजिरी लगाई और आशीर्वाद प्राप्त किया।

इस विशेष अवसर पर लखानी अरमान ग्रुप के चेयरमैन के. सी. लखानी, पूर्व विधायक चंद्र भाटिया, उद्योगपति आर. के. बत्रा, राहुल माकड़, शेर सिंह, बलजीत भाटिया, विमल पूरी और धीरज सहित कई गणमान्य हस्तियों ने भी मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की।

मंदिर संस्थान के प्रधान जगदीश भाटिया ने अतिथियों का स्वागत करते हुए उन्हें माता रानी का प्रसाद भेंट किया। इस दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं के समक्ष मां कालरात्रि की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि देवी कालरात्रि, मां दुर्गा का सप्तम स्वरूप हैं। वे अत्यंत दयालु एवं कृपालु हैं और भक्तों के सभी भय एवं विकारों का नाश करती हैं।

भाटिया ने बताया कि मां कालरात्रि के शरीर का रंग घने अंधकार के समान काला है। उनके सिर के बाल बिखरे हुए हैं और गले में बिजली की तरह चमकने वाली माला है। तीन नेत्रों वाली मां कालरात्रि की सांसों से अग्नि निकलती रहती है। वे गर्दभ पर सवार होती हैं। भक्तों को वरदान देने वाली वर मुद्रा और अभय देने वाली अभय मुद्रा के साथ वे शुभ फल प्रदान करती हैं, इसलिए उन्हें शुभंकरी भी कहा जाता है।

उन्होंने कहा कि मां कालरात्रि की उपासना से समस्त आसुरी शक्तियां नष्ट हो जाती हैं और भक्त हर प्रकार के भय से मुक्त हो जाता है। मां को जायफल का भोग अर्पित किया जाता है और पंचमेवा उनका प्रिय प्रसाद है। वहीं नील-जामुनी रंग को मां कालरात्रि का अत्यंत प्रिय रंग माना गया है।