March 8, 2026

नवरात्री के सातवें दिन मां कालरात्रि की क्या है पूजा विधि जानिए

Faridabad/Alive News: शारदीय नवरात्री के सातवें दिन मां दुर्गा के सातवें रूप मां कालरात्रि की पूजा की जाती है। नवरात्रि के सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा करने से भक्तों को सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है साथ ही उनकों अकाल मृत्यु का भय भी नहीं रहता। मां को यंत्र, मंत्र और तंत्र की देवी भी कहा जाता है। 

कैसा है मां कालरात्रि का स्वरूप 
मां  दुर्गा का सातवां रूप मां कालरात्रि के चार हाथ और तीन नेत्र होते है। मां का शरीर अंधकार की तरह काला होता है, साथ ही उनके बड़े और बिखरे बाल होते है। मां के गले में पड़ी माला बिजली की तरह चमकती है। मां के एक हाथ में तलवार, दूसरे हाथ में लोहा शस्त्र, तीसरे हाथ वरमुद्रा और चौथा हाथ अभय मुद्रा में होता है। 

क्या है मां कालरात्रि का प्रिय भोग 
मां का प्रिय भोग गुड़ है मां कालरात्रि का आशीर्वाद पाने के लिए गुड़, गुड़ की खीर व गुड़ से बनी चीजों का ही भोग लगाये।

क्या है मां कालरात्रि का प्रिय मंत्र  
ओम ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चै ऊं कालरात्रि दैव्ये नम:

क्या है मां कालरात्रि का प्रिय पुष्प और रंग 
मां कालरात्रि को लाल रंग बहुत प्रिय है। अगर भक्त पूजा करते समय मां को लाल वस्त्र अर्पित करें साथ ही खुद भी लाल रंग के वस्त्र पहनकर पूजा करे तो उनकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है। मां को गुड़हल व गुलाब का पुष्प बहुत ही प्रिय है। 

क्या है मां कालरात्रि की पूजा विधि 
सूर्योदय से पूर्व उठकर स्नान आदि करके स्वच्छ वस्त्र धारण करे। इसके बाद पूजा स्थल को साफ करें। अब मां दुर्गा की प्रतिमा को गंगाजल से स्नान कराये। इसके बाद मां को पीले व लाल रंग के वस्त्र अर्पित करें। मां को रोली, चंदन, कुमकुम, इलायची, श्रृंगार का सामान, फल व मिठाई अर्पित करें साथ ही मां कालरात्रि को गुड़ का भोग लगाये। इसके बाद घर के मंदिर में धूप व बत्ती जलाकर मां कालरात्रि के मंत्रों का जप कर उनकी आरती करे।