March 13, 2026

स्मार्ट रोड बनी मुसीबत: करोड़ों खर्च के बाद भी लापरवाही से हालात बदहाल

Faridabad/Alive News: नेशनल हाईवे के बड़खल चौक से बाईपास रोड तक बनाई गई स्मार्ट रोड की हालत इन दिनों बद से बदतर हो चुकी है। करोड़ों रुपये की लागत से बनी यह सड़क आज लापरवाही और देखरेख के अभाव के कारण लोगों के लिए मुसीबत बन गई है। स्थानीय निवासियों और सेक्टर-28 आरडब्ल्यूए ने जिम्मेदार विभागों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है।

ग्रीन बेल्ट बनी कूड़े का ढेर
आरडब्ल्यूए का कहना है कि ग्रीन बेल्ट में सीवर का गड्ढा खोदने के बाद उसे बंद नहीं किया गया। अब यह गड्ढा बड़ा खतरा बना हुआ है। इसके अलावा ग्रीन बेल्ट की साफ-सफाई और देखरेख बिल्कुल नहीं हो रही है, जिसकी वजह से यह जगह धीरे-धीरे कूड़े के ढेर में तब्दील हो रही है।

टूटी ग्रिल और अंधेरा बना खौफ का कारण
स्मार्ट रोड पर बनाए गए साइकिल ट्रैक की दोनों ओर लगी ग्रिल टूट चुकी है। कई जगहों पर इन्हें तोड़कर पटक दिया गया है। वहीं, शाम ढलते ही ग्रीन बेल्ट एरिया पूरी तरह अंधेरे में डूब जाता है, क्योंकि यहां स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था नहीं है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस अंधेरे का फायदा उठाकर असामाजिक तत्व नशा करते हैं, जिससे आसपास के परिवारों और राहगीरों में डर का माहौल रहता है।

स्वच्छता सेवा पखवाड़ा भी दिखा ढीला
17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक जिले में चलने वाले “स्वच्छता सेवा पखवाड़ा” अभियान की शुरुआत जिला प्रशासन ने बड़े जोश के साथ की थी, लेकिन चार दिन बाद ही यह अभियान ठंडा पड़ता नजर आ रहा है। नतीजा यह है कि स्मार्ट सिटी की स्मार्ट रोड की स्थिति ठीक नहीं है। 

आरडब्ल्यूएकेलोगों ने बताया कि सड़क पर कई जगह 15-15 फुट के मैनहोल खुले पड़े हैं। मिट्टी और गंदगी से भरा साइकिल ट्रैक भी किसी काम का नहीं रह गया है। प्रशासन की यह लापरवाही किसी बड़े हादसे को न्योता दे रहा है। 

क्या कहना आरडब्ल्यूए के पदाधिकारियों का

आरडब्ल्यूए सेक्टर-28 के संरक्षक एच एस मलिक ने जिला प्रशासन और नगर निगम से मांग की है कि तुरंत ग्रीन बेल्ट और स्मार्ट रोड की साफ-सफाई, लाइट की व्यवस्था की जाये और टूटे हुए हिस्सों की मरम्मत कराई जाए। साथ ही, खुले पड़े मैनहोल को तुरंत बंद किया जाए, ताकि किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके।