Faridabad/Alive News: भारत सरकार की 2025 तक टीबी मुक्त भारत की मुहिम को सफल बनाने के प्रयासों से भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी, राष्ट्रीय मुख्यालय एवं हरियाणा राज्य शाखा के संयुक्त तत्वावधान में जिला रेडक्रॉस सोसायटी फरीदाबाद के अध्यक्ष विक्रम सिंह के निर्देशानुसार एवं सचिव बिजेंद्र सौरोत के कुशल मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग फरीदाबाद और विक्टोरा फाउंडेशन के सहयोग से एक दिवसीय टी बी स्क्रीनिंग एवं स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन अम्बेडकर भवन भीम बस्ती सेक्टर 18 ओल्ड फरीदाबाद में किया गया। इस शिविर में 350 व्यक्तियों की स्वास्थ्य जांच की गयी साथ ही 60 तपेदिक रोगियों को विशेष पोषाहार वितरण किया गया ।
इस अवसर पर उपस्थित मुख्य अतिथि महेश जोशी महासचिव, भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी, हरियाणा राज्य शाखा एवं विशिष्ट अतिथि डॉ हरजिंदर सिंह, उप सिविल सर्जन फरीदाबाद द्वारा शिविर का विधिवत तरीके से शुभारंभ किया ।
मुख्य अतिथि महेश जोशी, महासचिव भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी ने जानकारी देते हुए बताया कि भारत सरकार का मुख्य उद्देश्य देश को टीबी मुक्त करना है। प्रधानमंत्री का विजन एक स्वस्थ भारत का निर्माण करना है और इसके लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य जांच शिविरों एवं स्क्रीनिंग कैंपों के माध्यम से लोगों में टीबी जैसी बीमारी का पता चलता है जिसका समय रहते इलाज कराने में मदद मिलती है।
विशिष्ट अतिथि डॉ हरजिंदर सिंह, उप सिविल सर्जन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के उपलक्ष्य में 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक सेवा पखवाड़ा मनाया जा रहा है। इसी के अंतर्गत इस शिविर का आयोजन किया गया | टीबी रोग के निदान के लिए बी के अस्पताल में सारी सुविधाएं उपलब्ध हैं। मरीज को टीबी के लक्षण हों तो तुरंत जांच कराएं।
जिला रेडक्रॉस सोसाइटी के सचिव बिजेन्द्र सौरोत ने बताया कि रेडक्रॉस के उद्देश्य स्वास्थ्य-सेवा-मित्रता को मद्देनजर रखते हुए इन शिविरों का आयोजन किया गया है| तपेदिक की बीमारी बहुत ही खतरनाक बीमारी है जिसका कोई लाइलाज नहीं है इस बीमारी से सफल इलाज यही है कि पौष्टिक आहार ले और समय-समय पर अपनी जांच कराये।
सविता भुटानी स्वास्थ्य अधिकारी ने तपेदिक बीमारी से बचाव के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यह रोग एक खतरनाक संक्रामक रोग है सही समय पर इसका इलाज नहीं होने पर यह जानलेवा हो सकती है। इसलिए अपने आप को इस बीमारी की चपेट में आने से बचाने के लिए आपको इसके बारे में पूरी जानकारी होना बहुत जरूरी है। जिससे आप खुद व अपने परिवार को इस जानलेवा रोग की चपेट में आने से बचा सकें|
शिविर में उपस्थित रेड क्रॉस आजीवन सदस्य तथा समाजसेवी प्रताप सिंह द्वारा अपने संबोधन में बताया कि स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन निवारक स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने, संभावित स्वास्थ्य समस्याओं का शीघ्र पता लगाने और समुदाय के लोगों को मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए किया जा रहा है। हम सभी इन शिविरों के माध्यम से उन लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करते है, जो महंगी जांचें या परामर्श तक पहुंच नहीं पाते हैं। सचिन शर्मा पार्षद वार्ड नंबर 35 द्वारा बताया गया कि इन शिविरों के माध्यम से सामान्य शारीरिक परीक्षण, नियमित जांच और शरीर की सभी प्रमुख प्रणालियों की समीक्षा के माध्यम से उनकी बीमारियों की जांच की जाती है। स्वस्थ आहार और नियमित शारीरिक गतिविधि के महत्व पर जोर दिया गया है। जिन लोगों में कोई विकार पाया जाता है उनका तदनुसार इलाज किया जाता है और आगे के चिकित्सा उपचार या सलाह और नियमित अनुवर्ती कार्रवाई के बारे में सलाह दी जाती है।
मधु भाटिया ज़िला तपेदिक समन्वयक ने तपेदिक की बीमारी से बचाव के बारे में बताते हुए कहा कि तपेदिक की बीमारी पैदा करने वाले बैक्टीरिया से लडने में लहसुन कारगार होता है। रोगाणुरोधी गुण से भरपूर लहसुन, प्रतिरक्षा प्रणाली को भी बढ़ावा दे सकता है। पुदीने में एंटी-बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं, जो तपेदिक से प्रभावित ऊतकों के उपचार में मददगार साबित हो सकते हैं इसी के साथ आंवला भी लेना चाहिए आंवले में जीवाणुरोधी गुण होते हैं।
इस शिविर के सफल आयोजन में डॉ बी आर अम्बेडकर सोशल जस्टिस फाउंडेशन के प्रधान पुनीत गौतम ,डॉक्टर आर एस सैनी, एम डी (मेडिसिन) डॉ एल एस प्रेमी, प्रोजेक्ट मैनेजर सुशील कुमार, डॉ साहिल देशवाल, डॉ रविता, डॉ जयपाल, डॉ राकेश, रोहतास कुमार, धर्मेंद्र, तेजराम कार्यक्रम समन्वयक सम्भार्य फाउंडेशन , टी बी अलर्ट सोसाइटी से रिया शर्मा , प्रेम, रानी, परवीन,रामकिशोर,युवराज, सुमित आदि ने सहयोग किया। इस जांच शिविर में स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ-साथ सेक्टर 18 की सरकारी अस्पताल की टीम ने भी सहयोग किया।

