Faridabad/Alive News: शहर में कल रात लगभग 11 बजे एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। सेक्टर-22 प्रेस कॉलोनी के पास गौच्छी ड्रेन में कार गिरने से तीन युवकों की दर्दनाक मौत हो गई। लोगों का आरोप है कि यह हादसा नगर निगम की लापरवाही के कारण हुआ है। पुलिस ने सुबह गाड़ी और मृतक युवकों के शव को निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच कर रही है।
बताया जा रहा है कि मृतकों की पहचान अटल चौक निवासी अमित झा उम्र 31, जवाहर कॉलोनी निवासी गौरव रावत उम्र 33 और संजय कॉलोनी गली नंबर 61 निवासी पवन मौर्या उम्र 32 के रूप में की गई है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह हादसा शासन-प्रशासन की लापरवाही के कारण हुआ है। उनका कहना है कि गौच्छी ड्रेन पर पर्याप्त सुरक्षा प्रबंध नहीं थे, जिसकी वजह से यह दुर्घटना घटी है।
निवासी प्रवासी कल्याण एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष यादव ने प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि फरीदाबाद के तीन युवाओं की मौत के जिम्मेदारों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। लेकिन हकीकत यह है कि प्रशासन सिर्फ खानापूर्ति के लिए मुकदमा दर्ज करेगा और बाद में मामला रद्द कर दिया जाएगा। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि इस घटना से पहले गत वर्षों पहले एयरफोर्स चौक पर बने नाले में एक 11 वर्षीय कुनाल नमक बच्चे की डूबने से मौत हो चुकी है । उस मामले में भी पुलिस ने समाजसेवी संगठनों और समाजसेवियों के दबाव के आकार नगर निगम अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था लेकिन उस मामले में भी मृतक बच्चे के परिवार वालों को कोई न्याय नहीं मिला था।
संतोष यादव ने आरोप लगाया कि “बीजेपी सरकार में यदि कोई गरीब आदमी या समाजसेवी न्याय की मांग करता है, तो उल्टा उसी पर मुकदमे दर्ज कर दिया जाता हैं।”
इस घटना में भी नगर निगम के एकशन, एसडीओ और जेई के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज होना चाहिए। क्योंकि ड्रेन की सफाई करने के बाद इन अधिकारियों ने ड्रेन के साथ साथ लोहे की ग्रील या कोई दीवार नहीं बनाई। जिनकी वजह से यह हादसा हुआ है।
जिला कांग्रेस कमेटी फरीदाबाद के अध्यक्ष बलजीत कौशिक ने इस घटना के लिए भाजपा सरकार और प्रशासन को दोषी करार देते हुए कहा कि इस नाले के साथ पहले जाली लगी हुई थी, जिसे हटा दिया गया, जिसके चलते यह हादसा हुआ है, इसलिए दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए क्योंकि यह सीधे सीधे सरकार और अधिकारियों की लापरवाही को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि कितनी विडंबना की बात है कि जिस समय यह हृदयविदारक हादसा हुआ, उससे कुछ समय पूर्व ही हरियाणा के मुख्यमंत्री और महामहिम राज्यपाल फरीदाबाद में आयोजित एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने आए हुए थे, लेकिन किसी अधिकारी ने घटनास्थल पर पहुंचने की जेहमत तक नहीं उठाई।
भाजपा सरकार केवल इंवेंट सरकार बन चुकी है, उसे जनता की समस्याओं से कोई लेना देना नहीं है। केवल कागजों में स्मार्ट सिटी की बातें करती है, जबकि सच्चाई तो यह है कि सरकार व प्रशासन की लापरवाही के चलते लोग अपनी जान गंवा रहे है, इसके इनके कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही। उन्होंने कहा कि इस हादसे में तीन परिवारों के चिराग बुझ गए है इसलिए सरकार प्रत्येक मृतक को 50 लाख रुपए मुआवजा राशि दे और घटना के लिए जो भी दोषी हो, उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज हो और कड़ी से कड़ी कार्रवाई हो, अन्यथा कांग्रेस कार्यकर्ता सडक़ों पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

