March 7, 2026

बिजली निगम में अधिकारी सीसीजीआरएफ और लोक अदालत को लेकर कर रहे खानापूर्ति

Prabhjot/Alive News
Faridabad :
हरियाणा भर में ऐ.सी में बैठक सरकार की योजनाओं को पलीता लगा रहे अधिकारियों पर सरकार ने लगाम नही लगाई तो जनहितैषी सरकार की योजना अधिकारियों के कार्यालयों की चौखट पर ही दम तोड़ जायेगी। ऐसा ही हाल अब शायद फरीदाबाद में बिजली निगम की सर्कल उपभोक्ता शिकायत निवारण न्यायाधिकरण (सीसीजीआरएफ) और लोक अदालत की बैठक को लेकर देखने को मिल रहे हैं।

सरकार के बिजली मंत्री के आदेशों पर पूरे हरियाणा में सभी जिलों के सर्कल कार्यालयों पर हर हफ्ते सर्कल उपभोक्ता शिकायत निवारण न्यायाधिकरण (सीसीजीआरएफ) और लोक अदालत का होना सुनिश्चित हुआ है। इस बैठक का उद्देश्य बिजली उपभोक्ताओं की समस्याएं सुनना और उनका समाधान करना था।

लेकिन फरीदाबाद में हो रही प्रत्येक सप्ताह सीसीजीआरएफ और लोक अदालत की बैठक में उपभोक्ताओं की शिकायत नहीं आ रही। इसका कारण यह नही की फरीदाबाद में बिजली से संबंधित कोई शिकायत नही है बल्कि फरीदाबाद बिजली निगम सर्कल में अधिकारी बैठक को लेकर खानापूर्ति कर रहे है! इसका अंदाजा मंगलवार को हुई सर्कल कार्यालय की बैठक में एक भी शिकायत का नही आने से लगाया जाता है। फरीदाबाद में बिजली विभाग के लाखों की संख्या में उपभोक्ता हैं और हर बार मंगलवार को निर्धारित सीसीजीआरएफ की बैठक में उपयोक्ताओं की शिकायत का नही आना निगम के उच्च अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठा रहा है।

हांलाकि उपयोक्ता निगम के सब-डिविजनल कार्यालयों पर शिकायत लेकर लगातार पहुंच रहे हैं, लेकिन उन्हें बिजली निगम द्वारा लगाई जा रही सीसीजीआरएफ और लोक अदालत के समय और बैठक की जानकारी नही मिल रही है। क्योंकि अधिकारी सीसीजीआरएफ और लोक अदालत की बैठक की जानकारी उपभोक्ता तक एक सीमित माध्यम से देकर इतिश्री कर ले रहे हैं या फिर आज डिजीटल मीडिया (मोजो टेक्नोलॉजी) के युग में भी नामात्र पढ़े जाने वाले समाचार पत्रों में सूचना देकर खानापूर्ति कर ले रहे है। ऐ.सी में बैठक सरकार की योजनाओं को पलीता लगा रहे अधिकारियों पर सरकार ने लगाम नही लगाई तो जनहितैषी सरकार की योजना अधिकारियों के कार्यालयों की चोखट पर ही दम तोड़ जायेगी।

सीसीजीआरएफ और लोक अदालत की बैठक की जानकारी को लेकर क्या कहा उपभोक्ताओं ने
मैं डबुआ कालोनी में रहता हूं और मेरे व मेरी पत्नी के नाम दो अलग अलग मीटर हैं जिनका बिजली बिल 35 हजार आया हुआ है और कई साल से उस रकम पर ब्याज भी लग रहा है। बिल ठीक कराने के लिए एससी, एसडीओ से मिले लेकिन कुछ नही हुआ। मुझे सीसीजीआरएफ और लोक अदालत की बैठक की जानकारी आज तक नही है, अब आप के माध्यम से पता चला है कि बिजली विभाग में भी कोई लोक अदालत लगती है।

  • नरेश बंसवाल, उपभोक्ता।

मैं भी गलत रिडिंग को लेकर एसडीओ के कार्यालय पर जा रहा हूं। मुझे कभी एकाउंटेंट के पास तो कभी किसी के पास भेजकर चक्कर कटा रहे हैं। लेकिन कोई समाधान नही कर रहा है। मुझे सीसीजीआरएफ और लोक अदालत की बैठक की जानकारी नही है।

  • सोनू चौधरी, उपभोक्ता।

सीसीजीआरएफ की बैठक में मंगलवार को नही आई शिकायत
बिजली निगम एनआईटी की कार्यकारी अभियंता उर्मिला रानी ने बताया कि इस हफ्ते की सीसीजीआरएफ बैठक में कोई भी शिकायत सामने नहीं आई। बीते सप्ताह की सीसीजीआरएफ की बैठक में एक शिकायत मिली थी।

कार्यकारी अभियंता की जानकारी से साफ होता है कि बिजली विभाग ने बैठक की जानकारी आम लोगों तक सही तरीके और सही माध्यमों से नहीं पहुंचाई जा रही, न ही गांवों और कॉलोनियों में प्रचार किया गया, न ही सही मीडिया माध्यमों या सार्वजनिक घोषणाओं के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जा रहा है। जिसकी वजह से सरकार की योजना फेल हो रही हैं।