Faridabad/Alive News : फरीदाबाद के रहने वाले एक व्यक्ति को सात-आठ महीने पहले पैर की नस ब्लॉक होने की शिकायत थी। परिजनों के अनुसार, वह कई बड़े अस्पतालों में इलाज करवा चुके थे, लेकिन कोई राहत नहीं मिली।
आख़िरकार, ईएसआई अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचे जहां शुरू में उन्हें रेफर किया गया, फिर निजी अस्पताल भेजा गया, फिर बुला लिया गया, इसी प्रक्रिया में एक महीना बीत गया। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने बार-बार इलाज टालते हुए उन्हें एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल भेजा, कभी ज्यादा खर्च बताकर, कभी मंजूरी न मिलने के बहाने।
आख़िरी समय पर जब निजी अस्पताल के डॉक्टर ने कहा कि अब सर्जरी संभव नहीं है, तो उन्हें बताया गया कि अब पैर घुटने से नीचे काटना पड़ेगा।

