March 10, 2026

मकान बचाने की लड़ाई में हम करेंगे सहयोग – पूर्व डिप्टी सीएम

Faridabad/Alive News: अनंगपुर में हो रही तोड़फोड़ को लेकर आज रविवार को सूरजकुंड में हुई महापंचायत जिसमें किसान नेता पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला, राकेश टिकैट, दीपेंद्र सिंह हुड्डा, अतुल प्रधान, सपा सांसद ईकरा हसन, कुंवर प्रनाव सिंह, सांसद सतपाल भ्रमचारी, नूंह विधायक आफताब अहमद, पूर्व मंत्री गीता भुक्कल, विधायक रघुवीर तेवतिया,  पूर्व विधायक नीरज शर्मा, विधायक कुलदीप वत्स, विधायक मोहम्मद इजराइल, एनएसयुआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष अरुण चौधरी ,अतुल प्रधान सहित कई बड़े – बड़े नेता पहुंचे। दुष्यंत चौटाला ने लोगों को आश्वासन दिया कि अनंगपुर को बचाने की लड़ाई में वह उनका पूरा साथ देंगे। लोगों के एक आदेश पर वह तुरंत आएंगे और उनकी मदद करेंगे।

दुष्यंत चौटाला ने बताया कि 2022 में सुप्रीम कोर्ट का आदेश आया और उस आदेश में यह कहा गया कि लोगों की मिल्कियत कागजात को देखकर ही आगे की कार्यवाही की जाए। आदेश में यह कहा गया था कि तोड़फोड़ करनी चाहिए। यह नहीं कहा गया था कि गरीबों लोगों  के मकान जो 30 साल से बने है उनको तोड़ना चाहिए। आज जो यह कार्यवाही की जा रही है वह साफ – साफ यह दिखा रही है कि कुछ चुनिंदा साहूकारों को फायदा पहुंचाने के लिए यह कार्यवाही की जा रही है।

1992 के पीएलपीए एक्ट को 30 साल के लिए बनाया गया था जिसकी वैधता खत्म हो गई थी लेकिन भारतीय जनता पार्टी ने दिल्ली के नतीजे आने के बाद तोड़फोड़ का यह कदम अनंगपुर गांव के लिए उठाया है जो यह दर्शाता है कि सरकार के अंदर रहकर लोगों का दिमाग खराब हो गया है।

उन्होंने कहा कि यह जो लड़ाई चल रही है उसे  सबको एकता से  मिलकर लड़ना होगा तभी यह लड़ाई लड़ी जाएगी। यह लड़ाई सामाजिक और राजनीतिक तौर पर लड़नी  होगी। अवैध निर्माण में पुलिस बूथ भी आए है उनको क्यो नही तोड़ा गया क्या कानून सिर्फ गरीब लोगों के लिए है। लोगों के घर बचाने के लिए चाहे कानून में बदलाव किया जाए तो वह किया जाना चाहिए । वह हरियाणा सरकार पर तब तक दबाव बनाए रखेंगे जब तक कानून नहीं बदल जाता।

क्या कहना है मुख्या गुर्जर का
“अनंगपुर में तोड़फोड़ हमारी जमीनें छीनने की साजिश है। दिल्ली के पास की ये कीमती ज़मीनें कुछ बड़े रसूखदारों को देने की योजना के तहत सरकार बुलडोज़र चला रही है। हम इसे किसी कीमत पर कामयाब नहीं होने देंगे।
आज 36 बिरादरियाँ एकजुट हैं। अफ़सोस इस बात का है कि जिन नेताओं को हमने रखवाला बनाकर भेजा था, वही इस तोड़फोड़ में शामिल हैं। वादा किया था कि कोई मकान नहीं टूटेगा, फिर मेरे भाई का मकान क्यों गिराया गया?

मैं विपक्ष से आग्रह करता हूँ — कांग्रेस और समाजवादी पार्टी सड़कों पर उतरें। कल से 150 जगहों पर किसान धरना दें। वकीलों की कमेटी बने, कानूनी लड़ाई भी लड़ी जाए। अगर जरूरत पड़ी, तो संसद तक जाएंगे। ये लड़ाई ज़मीन की नहीं, हक और इज्जत की है — और हम जीतकर रहेंगे।”

क्या कहना है किसान यूनियन नेता राकेश टिकैत का

उन्होंने अपने संबोधन में कहा  पुलिस वालो ने ना ही एक आंसू गैस गोला नहीं चलाया ना ही लाठीचार्ज हुआ गांव वालों की तरफ से कोई विरोध न होने के कारण मकान टूटे है। उन्होंने कहा कि आंदोलनों से कुछ नहीं होने वाला हमने भी 13 दिन देश की राजधानी को घेर कर रखा लेकिन कुछ नहीं हुआ। गांव निवासियों से संगठित होने की अपील की और कहां कोई जेसीबी, बुलडोजर गांव में आए तो गांव वाले उनके सामने लेट जाए और अपने घरों को टूटने से बचाए। यह सरकार 5 किलो अनाज देकर हमारी जमीन बेच रहे है।  सब को एकजुट होना पड़ेगा तभी हम यह लड़ाई जीत सकते है।

क्या कहना है सांसद दीपेंद्र हुड्डा का

उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि सरकार गरीब, मजदूर और किसान को उजाड़ना चाहती है। यह भलीभाती यहां के लोगों को पता है। कुछ पूंजीपति लोगों को सरकारी संपत्ति को बेचना चाहती है।इस भाजपा की सरकार के पास मजदूर, गरीब और किसान के लिए कुछ भी नही है। अपनी पूंजीपति दोस्तो को अरावली को बेचना चाहती है। उन्होंने कहा कि उनके दल और नेताओं का इस महापंचायत को पूरा समर्थन जो भी रणनीति आगे होगी उस संघर्ष में वह लोग साथ देगे।