दिल्ली – मथुरा के हाईवे के कई चौराहे व सार्विस रोड सहित सेक्टर व कालोनियों में 24 घंटे बाद भी नहीं निकला पानी
Faridabad/Alive News: मानसून में जलभराव से निपटने के दावे तो प्रशासन खुब कर रहा है। रोज कहीं न कहीं अर्थमूवर से नालों की सफाई करते हुए की फोटो खींची जा रही हैं। प्रतिदिन नगर निगम अधिकारी रिर्पोट बनाकर जिला उपायुक्त कार्यालय भेज रहे हैं लेकिन इसका कुछ खास असर दिखाई नहीं दे रहा है। शानिवार को हुई वर्षा का पानी 24 बाद भी पई जगाहो से नही निकाला जा सका । फिर अगले दिन भी वर्षा हुई जिस दौरान जगह – जगह जल भराव दिखाई दिया । यानी पानी निकासी के इंतजाम करने के दावे फिलहाल खोखले दिखाई दे रहे है।
वैसे तो जिला उपायुक्त दावा कर रहे हैं कि निगरानी की जा रही है। स्वयं जिला उपायुक्त ने कई नालों का निरीक्षण कर सफाई के आदेश दिए है लेकिन फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण व नगर निगम अधिकारियों पर आदेश का अधिक असर नहीं हुआ। अब यब तो ट्रेलर है और असली फिल्म तो आने वाली वर्षा दिखाएगी। यदि अधिकारी खोखले दावों से बाहर नहीं आए तो शहर की सड़के हर बार की तरह इस बार भी पानी में डुबी नजर आएंगी।
अजरौंदा चौक सहित अन्य जगह वर्षा का पानी निकासी के नाम पर करीब 10 करोड़ का खर्च कर दिए है। लेकिन वर्षा होने के काफी देर बाद यहां से पानी निकल पाता है।
27 रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम ठप : बदरपुर बार्डर से लेकर सीकरी तक विभिन्न चौराहों पर होने वाले जलभराव से मुक्ति के लिए एनएचआइ की ओर से 27 रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाए थे। बदरपुर बार्डर, सराय, एनएचपीसी, मेवला महाराजपुर, बड़खल, ओल्ड फरीदाबाद, अजरौंदा, बाटा, वाईएमसीए, गुडईयर, बल्लभगढ़, एल्सन चौक, सीकरी में सिस्टम लगे हुए हैं। किसी चौराहे पर दो तो किसी पर पांच सिस्टम हैं। लगभग सभी सिस्टम ठप हैं। इससे परेशानी का समाधान नहीं हो रहा है।
क्या कहना है परियोजना निर्देशक, एनएचआइ का
हाईवे पर ड्रेन की सफाई कराई जा चुकी है। लेकिन यब कई जगाह कनेक्ट नहीं है। इस बारे में नगर निगम अधिकारियों से बात हुई है। जहां पानी जमा होता है, वहां इसे टैंकरों से भी निकलवा दिया जाता है।
- धीरज सिंह, परियोजना निर्देशक, एनएचआइ
क्या कहना है मुख्य अभियंता फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण का
जलभराव में पहले से काफी फर्क दिखाई दे रहा है। जहां – जहां पानी अधिक समय तक जमा रहता है, वहां जांच की जा रही है। कारण खोजकर समाधान कर देंगे। पुरी कोशिश है कि इस बार अधिक जलभराव न हो।
- विशाल बंसल, मुख्य अभियंता फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण

