March 7, 2026

भाजपा में नए राष्ट्रीय अध्यक्ष को लेकर इन राज्यों में बदलेगा प्रदेश नेतृत्व

New Delhi/Alive News : राष्ट्रीय अध्यक्ष को लेकर भारतीय जनता पार्टी में लंबे समय से आलाकमान और संघ के बीच पेच फंसा हुआ है .बीजेपी के अध्यक्ष जेपी नड्डा का कार्यकाल जनवरी 2023 में समाप्त हो गया था लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव के चलते जून तक कार्यकाल को विस्तार दिया गया था.

पार्टी सूत्रों की मानें तो जिन्हें पार्टी की कमान सौंपी जानी थी उन्हें जून 2024 में आलाकमान कार्यकारी अध्यक्ष बना कर संदेश साफ़ कर सकता था कि पार्टी में संगठनात्मक चुनाव के बाद पार्टी के अध्यक्ष की कमान उन्हीं को सौपी जाएंगी. ठीक उसी तरह, जिस तरह से 2019 के लोकचुनाव के बाद पार्टी ने गृहमंत्री अमित शाह के अध्यक्ष रहते हुए जेपी नड्डा को कार्यकारी अध्यक्ष बनाकर साफ़ कर दिया था कि वहीं पार्टी अगले अध्यक्ष होंगे. 20 जनवरी, 2020 को पार्टी के संगठनात्मक चुनाव पूरे होने के बाद जेपी नड्डा को पार्टी की कमान सौंप दी गई थी. संघ के सूत्रोंं के अनुसार संघ ने पार्टी अध्यक्ष के मामले अपनी राय पार्टी आलाकमान के सामने बहुत पहले रख दी है.

संघ अपनी ओर से नए अध्यक्ष के लिए मानदंड बता चुका है. संघ चाहता है कि नया अध्यक्ष संगठन को मजबूत करने वाला हो. अध्यक्ष के चयन के जरिए राजनीतिक संदेश देने की जरुरत नहीं हैं. दरअसल, नए अध्यक्ष के चुनाव के साथ ही सरकार में भी बदलाव होने हैं. 4 जुलाई से 6 जुलाई तक संघ की अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक दिल्ली में है. इसमें सरसंघचालक मोहन भागवत, सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबले समेत सभी 6 सहसरकार्यवाह समेत संघ के पदाधिकारी मौजूद रहेंगे .इस चर्चा में नए पार्टी अध्यक्ष के नाम पर मुहर लग सकती है . सूत्रोंं के अनुसार इस बैठक दौरान पार्टी अध्यक्ष को लेकर बीजेपी आलाकमान और संघ के नेताओं चर्चा हो सकती है. 

नए अध्यक्ष के चुनाव के बाद बीजेपी संगठन में बड़े बदलाव संभव
बीजेपी संगठन को मजबूत करने और उसे संभाल सकने वाले नेता को अध्यक्ष बनाना चाहती है. अध्यक्ष के चयन में राजनीतिक संदेश देने के बजाए संगठन को मजबूत करने वाले नेता को प्राथमिकता देने की बात कही जा रही है. पार्टी की सर्वोच्च निर्णायक संस्था पार्लियामेंट्री बोर्ड में कद्दावर नेताओं को तरजीह दी जा सकती है. सूत्रोंं की मानें तो बीजेपी आलाकमान और संघ के नेतृत्व के बीच पार्टी के नए अध्यक्ष के चयन को लेकर अभी आम राय नहीं बन पा रही है.

नया अध्यक्ष बनने के बाद पचास प्रतिशत राष्ट्रीय महासचिवों की छुट्टी हो सकती है और नए अध्यक्ष के युवा नेताओं को बतौर महासचिव जगह दी जाएगी. जानकारी के अनुसार अभी तक 14 राज्यों के अध्यक्षों का चुनाव हो चुका है. नए अध्यक्ष के नाम पर आम राय न बन पाने और गुजरात,यूपी, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, कर्नाटक,और पश्चिम बंगाल जैसे महत्वपूर्ण राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष तय न हो पाने के कारण चुनाव अटका है.

19 राज्यों में अध्यक्ष का निर्वाचन जरूरी
शुक्रवार को बीजेपी ने राज्यों के बीजेपी अध्यक्ष चुनाव के लिएचुनाव अधिकारीयों की घोषणा की. महाराष्ट्र में किरण रिजिजू, उत्तराखंड में हर्ष मल्होत्रा, पश्चिम बंगाल में रवि शंकर प्रसाद चुनाव अधिकारी होंगे. पार्टी संविधान के अनुसार राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव के लिए 19 राज्यों में निर्वाचन ज़रूरी है. 19 राज्यों में चुनावी प्रक्रिया पूरी होने के बाद राष्ट्रीय निर्वाचन अधिकारी के. लक्ष्मण प्रेस कांफ्रेंस में नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्वाचन के लिए कार्यक्रम की घोषणा करेंगे.

बीजेपी सूत्रों की मानें तो राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव के लिए 19 राज्यों में संगठनात्मक चुनाव पूरे होने के बाद प्रदेशों में अध्यक्षों चुनाव होने जरूरी है. अभी तक 14 राज्यों में संगठनात्मक चुनाव पूरे हुए है .राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव से पहले पार्टी चाहती है उत्तर प्रदेश, गुजरात,मध्यप्रदेश, कर्नाटक,महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल जैसे महत्वपूर्ण राज्यों में संगठनात्मक चुनाव पूरे हो जाएं. उनमें प्रदेश अध्यक्षों का चुनाव करा लिया जाए जिससे देश में ये संदेश जाए पार्टी ने सभी बड़े राज्यों के प्रदेश अध्यक्षों के चुनाव पार्टी में आम सहमति से सम्पन्न करा लिए हैं.