November 3, 2026

फरीदाबाद में 50 प्रतिशत कर्मचारियों को करना होगा वर्क फ्रॉम होम: 5 से 20 नवंबर तक लागू रहेंगे आदेश

Faridabad/Alive News: फरीदाबाद में बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए 5 से 20 नवंबर तक सरकारी और निजी कार्यालयों में 50 प्रतिशत कर्मचारियों को ही बुलाने के निर्देश जारी किए गए हैं। बाकी कर्मचारियों को घर से काम करना होगा। इसके अलावा इस अवधि में धूल फैलाने वाले निर्माण और तोड़फोड़ के कार्यों पर भी रोक रहेगी।

वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने दिल्ली-एनसीआर के लिए ये विशेष निर्देश जारी किए हैं। फरीदाबाद के डीसी आयुष सिन्हा ने बताया कि जिले में भी इन आदेशों को सख्ती से लागू कराया जाएगा।

ये निर्देश दिल्ली के अलावा हरियाणा के फरीदाबाद, गुरुग्राम और सोनीपत तथा उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर में लागू होंगे। आदेश के अनुसार, सरकारी और निजी कार्यालयों में अधिकतम 50 प्रतिशत कर्मचारी ही कार्यालय आकर काम करेंगे। शेष कर्मचारियों को घर से काम करने की सुविधा देनी होगी। हालांकि, जिन औद्योगिक इकाइयों और आवश्यक सेवाओं में घर से काम करना संभव नहीं है, उन्हें इस नियम से छूट दी गई है।

निर्माण और तोड़फोड़ के कार्यों पर रहेगी रोक

आयोग के आदेश के अनुसार, 5 से 20 नवंबर तक खुले में धूल फैलाने वाले निर्माण और तोड़फोड़ के कार्य बंद रहेंगे। यह प्रतिबंध सरकारी और निजी दोनों तरह की निर्माण परियोजनाओं पर लागू होगा। इसके दायरे में सड़क, हाईवे, फ्लाईओवर, ओवरब्रिज, पाइपलाइन, बिजली की लाइन और दूरसंचार से जुड़े निर्माण कार्य भी शामिल हैं।

हालांकि, रेलवे, मेट्रो, एयरपोर्ट, बस टर्मिनल, अस्पताल, जलापूर्ति, सफाई व्यवस्था, राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा से जुड़ी परियोजनाओं को निर्धारित नियमों के तहत छूट दी गई है।

प्रदूषण बढ़ने से पहले उठाए गए एहतियाती कदम

डीसी आयुष सिन्हा ने बताया कि नवंबर के दौरान दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण का स्तर अक्सर बढ़ जाता है। पराली और कचरा जलाने, वाहनों से निकलने वाले धुएं और अन्य स्थानीय कारणों के साथ हवा की रफ्तार कम होने से प्रदूषण की स्थिति गंभीर हो जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए आयोग ने पहले से ही ये एहतियाती कदम उठाए हैं।

जिला प्रशासन की ओर से सभी संबंधित विभागों को आदेशों का पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए जाएंगे। साथ ही इनकी नियमित निगरानी भी की जाएगी।