June 6, 2026

बंगाल CM के PA हत्याकांड में 3 संदिग्ध गिरफ्तार, बिहार और यूपी से पकड़े गए आरोपी

Kolkata/Alive News: पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के पर्सनल असिस्टेंट (PA) चंद्रनाथ रथ की हत्या मामले में पुलिस ने तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। बंगाल CID ने बिहार और उत्तर प्रदेश में कार्रवाई करते हुए आरोपियों को पकड़ा।

CID के मुताबिक बिहार के बक्सर से मयंक राज मिश्रा और विक्की मौर्य को हिरासत में लिया गया, जबकि यूपी के बलिया से राज सिंह को पकड़ा गया। राज सिंह को शार्प शूटर बताया जा रहा है। तीनों को पश्चिम बंगाल ले जाया गया है।

42 साल के चंद्रनाथ रथ की 6 मई को उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम इलाके में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वह स्कॉर्पियो गाड़ी से घर लौट रहे थे, तभी हमलावरों ने रास्ता रोककर कई राउंड फायरिंग कर दी। गोली उनके सीने और पेट में लगी थी।

पुलिस को सुपारी किलिंग का शक

जांच में पुलिस को शक है कि हत्या की साजिश पहले से रची गई थी और इसमें प्रोफेशनल शूटर शामिल थे। घटनास्थल से एक कार बरामद हुई, जिससे चंद्रनाथ की गाड़ी का पीछा किया जा रहा था। कार की नंबर प्लेट फर्जी निकली और चेसिस नंबर भी मिटाया गया था।

पुलिस को घटनास्थल के पास एक मोटरसाइकिल भी मिली, जिस पर फर्जी नंबर प्लेट लगी थी। दूसरी बाइक की तलाश जारी है।

सुवेंदु अधिकारी के करीबी थे चंद्रनाथ

चंद्रनाथ रथ पहले एयरफोर्स में अधिकारी थे। VRS लेने के बाद उन्होंने कॉर्पोरेट सेक्टर में काम किया और फिर राजनीति से जुड़ गए। जब सुवेंदु अधिकारी तृणमूल कांग्रेस में थे, तभी से चंद्रनाथ उनके साथ काम कर रहे थे।

2019 में वह सुवेंदु अधिकारी की ऑफिशियल टीम में शामिल हुए। उन्हें बेहद करीबी और भरोसेमंद सहयोगी माना जाता था। उनकी मां भी पहले TMC से जुड़ी थीं, लेकिन बाद में भाजपा में शामिल हो गई थीं।

90 मिनट में कैसे हुई पूरी वारदात

  • रात करीब 9 बजे चंद्रनाथ कोलकाता से मध्यमग्राम स्थित घर के लिए निकले।
  • रात 9:58 बजे CCTV में उनकी स्कॉर्पियो दिखाई दी। कुछ देर बाद एक कार और दो बाइक उनका पीछा करते नजर आए।
  • रात करीब 10:30 बजे दोहरिया जंक्शन के पास एक कार ने स्कॉर्पियो का रास्ता रोक दिया।
  • तभी बाइक सवार हमलावर पहुंचे और 6 से 10 राउंड फायरिंग कर दी।
  • वारदात के बाद आरोपी कार छोड़कर बाइक से फरार हो गए।

पुलिस के अनुसार हत्या में ग्लॉक 47X पिस्टल जैसे आधुनिक हथियार का इस्तेमाल हुआ था, जिससे यह आशंका और मजबूत हो गई कि वारदात को प्रोफेशनल शूटरों ने अंजाम दिया।