June 6, 2026

2.36 लाख वाहन को बाहर कर लाएंगे इलेक्ट्रिक वाहन

Noida/Alive News: वायु प्रदूषण को कम करने और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने पुराने प्रदूषणकारी वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाने की दिशा में कदम तेज कर दिए हैं। हाल ही में केंद्रीय कैबिनेट की बैठक के बाद जारी आदेशों के तहत बीएस-IV श्रेणी के पुराने ट्रकों और बसों को हटाने की योजना बनाई गई है। नोएडा में बीएस-IV के दो लाख 36 हजार वाहन चल रहे है जिन्हें जल्द ही बंद किया जाएगा। 

परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार नोएडा में वर्तमान में लगभग 2.36 लाख बीएस-IV वाहन पंजीकृत हैं। विभाग का मानना है कि ये वाहन अपेक्षाकृत अधिक प्रदूषण फैलाते हैं। नई नीति लागू होने के बाद ऐसे वाहनों के मालिकों को उन्हें स्क्रैप कराना होगा या फिर एनसीआर से बाहर उन क्षेत्रों में बेचना होगा जो राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनसीएपी) के दायरे में नहीं आते हैं। जिसके बाद पुराने वाहनों को हटाने के बाद वाहन मालिकों को बीएस-VI या इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके लिए टैक्स में छूट और अन्य प्रोत्साहन दिए जाने की योजना है। वर्तमान में नोएडा में लगभग 7.04 लाख बीएस-VI वाहन सड़कों पर संचालित हो रहे हैं।

क्या है योजना में?

केंद्रीय कैबिनेट के आदेशों के अनुसार बीएस-IV वाहनों को स्क्रैप करने या बेचने के बाद यदि वाहन मालिक इलेक्ट्रिक वाहन खरीदते हैं तो उन्हें टैक्स में छूट और विभिन्न प्रकार के इंसेंटिव दिए जाएंगे। सरकार का उद्देश्य स्वच्छ ईंधन आधारित वाहनों की संख्या बढ़ाना और एनसीआर में प्रदूषण के स्तर को कम करना है। इस योजना की कुल लागत 9,585 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है। इसमें केंद्र सरकार 5,041 करोड़ रुपये का योगदान देगी, जबकि शेष राशि दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान सरकारों द्वारा वहन की जाएगी।