September 16, 2026

फरीदाबाद में शिक्षकों की डिग्रियों पर सवाल

Faridabad Cyber Cell recovered 38 lost mobile phones

Faridabad/Alive News: जिले के 21 एक्सटेंशन लेक्चरर की डिग्रियों की जांच उच्च शिक्षा निदेशालय द्वारा की जाएगी। यह जांच उनकी योग्यता और भर्ती प्रक्रिया की जांच के लिए की जा रही है।

दस्तावेजों की जांच की खबर से प्राध्यापकों की नींद उड़ गई है, वहीं एक्सटेंशन लेक्चरर एसोसिएशन का कहना है कि बार-बार दस्तावेजों की जांच करने से प्राध्यापकों को परेशानी हो रही है। सभी ने मापदंडों के अनुसार पीएचडी की डिग्री प्राप्त की है।

राजस्थान के ओपीजेएस यूनिवर्सिटी, सनराइज यूनिवर्सिटी और सिंघानिया यूनिवर्सिटी से डिग्री लेने वाले इन एक्सटेंशन लेक्चरर्स से स्पष्टीकरण मांगा गया है। विभिन्न कालेजों में पढ़ाने वाले इन लेक्चररों में अनीता यादव, चित्रा, दीपिका, दीपशिखा, दुर्गेश, ललिता, चौधरी, मंजू रानी, निधि गुप्ता, निधि शर्मा, पवन कुमार, पूजा तंवर, प्रमिला, प्रियंका, राधा, संगीता रानी, सविता, सुमन मलिक और विशाल, पारस राम, सुषमा, राजेश कुमार से दस्तावेज तथा स्पष्टीकरण मांगा गया है। वहीं प्राध्यापकों का कहना है कि सिर्फ तीन यूनिवर्सिटी से डिग्री प्राप्त करने वाले प्राध्यापकों की डिग्रियों की जांच करना गलत है। अगर जांच करनी है तो अन्य यूनिवर्सिटी से डिग्री प्राप्त करने वालों की भी होनी चाहिए। सवाल तो उनपर भी उठ सकते हैं।

उच्च शिक्षा निदेशालय का अधिकार है वह प्राध्यापकों के दस्तावेजों की जांच कर सकता है। लेकिन बार-बार नोटिस जारी करने और दस्तावेजों की जांच करने से प्राध्यापक परेशान हो जाते हैं। सभी प्राध्यापकों की डिग्रियां मापदंड के अनुसार है। प्राध्यापकों से बार-बार दस्तावेजों को मांगना और नोटिस जारी करने से अध्यापन कार्य भी प्रभावित होता है। एसोसिएशने प्राध्यापकों के साथ है. उनके साथ कुछ भी अनुचित नहीं होने दिया जाएगा।

सीता डागर, प्रधान, एक्सटेंशन लेक्चरर एसोसिएशन ।

उच्च शिक्षा निदेशालय की ओर से महाविद्यालय के प्राध्यापकों के दस्तावेज तथा स्पष्टीकरण मांगा गया था। सभी दस्तावेजों को भेज दिया गया है। जिले के करीब तीन महाविद्यालयों के 21 एक्सटेंशन लेक्चरर से दस्तावेज मागे गए हैं।

डा. सुनील शर्मा, प्राचार्य, राजकीय महाविद्यालय खेड़ी गुजरान।