October 30, 2026

फरीदाबाद में बरसात ने बदला मौसम, बच्चों और बुजुर्गों में खांसी-जुकाम, बुखार और निमोनिया का बढ़ा खतरा!

Fridabad/Alive News: फरीदाबाद में बरसात के बाद तापमान में गिरावट और ठंडी हवाओं से लोगों की सेहत पर असर पड़ना शुरू हो गया है। बदलते मौसम में बच्चों और बुजुर्गों को खांसी-जुकाम, बुखार और सांस संबंधी परेशानियां घेर रही हैं। बीके अस्पताल में रोजाना करीब 70 मरीज इन समस्याओं के उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों ने खासकर छोटे बच्चों में निमोनिया, बुजुर्गों और युवाओं में अस्थमा बढ़ना स्वभाविक बताया है।

बीके अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. योगेश गुप्ता के अनुसार, मौसम में अचानक बदलाव होने से शरीर को तापमान के अनुसार ढलने में समय लगता है। इस दौरान छोटे बच्चों और बुजुर्गों की रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित हो सकती है। वहीं, ठंडी हवा अस्थमा के मरीजों की परेशानी बढ़ा सकती है। ऐसे मरीजों को सांस लेने में दिक्कत, सीने में जकड़न और लगातार खांसी की शिकायत हो सकती है।

तेज बुखार और तेज सांस चलना खतरे का संकेत

डॉक्टरों के अनुसार, बच्चों को तेज बुखार आने, लगातार खांसी रहने या तेजी से सांस चलने की शिकायत होने पर इसे सामान्य सर्दी-जुकाम समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ये निमोनिया के लक्षण हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर से जांच करानी चाहिए। बच्चों और बुजुर्गों को सुबह-शाम गर्म कपड़े पहनाने और ठंडी हवा से बचाने की जरूरत है। अस्थमा के मरीज नियमित रूप से दवाएं लेते रहें और खानपान व साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।