Delhi/Alive News: अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का आज 22वां दिन है। ईरान के तसनीम न्यूज एजेंसी के मुताबिक, आज सुबह अमेरिका और इजराइल ने ईरान के नतांज न्यूक्लियर सेंटर पर हवाई हमला किया।
रिपोर्ट में कहा गया है कि इस हमले में अभी तक किसी भी तरह का रेडियोएक्टिव (खतरनाक परमाणु) रिसाव नहीं हुआ है। इस इलाके के आसपास रहने वाले लोगों को कोई खतरा नहीं है।
इजराइल और अमेरिका ने इससे पहले 2 मार्च को भी इस प्लांट पर हमला किया था। यह ईरान का सबसे बड़ा न्यूक्लियर सेंटर है, यहां यूरेनियम इनरिचमेंट किया जाता है।
इसकी एक खास बात यह है कि इसका बड़ा हिस्सा जमीन के नीचे बना हुआ है। ऐसा इसलिए किया गया है ताकि किसी हमले से इसे बचाया जा सके।
ब्रिटेन ने डिएगो गार्सिया आइलैंड पर ईरानी हमले की निंदा की
ब्रिटेन ने उसके डिएगो गार्सिया आइलैंड पर ईरानी हमले की निंदा की है। ब्रिटेन का कहना है कि ईरान की ऐसी हरकतें इलाके के लिए खतरा हैं। हालांकि ये हमला कामयाब नहीं हुआ।
ब्रिटेन इस लड़ाई में खुद सीधे शामिल नहीं है, लेकिन उसने अमेरिका को अपने बेस इस्तेमाल करने दिए हैं।
ईरान पर हमले के लिए डिएगो गार्सिया इसलिए अहम माना जाता है क्योंकि यह हिंद महासागर के बीचों-बीच स्थित एक बड़ा सैन्य ठिकाना है। यहां से अमेरिका दूर तक और तेजी से सैन्य ऑपरेशन चला सकता है।
यह ईरान की राजधानी तेहरान से करीब 3,800 किलोमीटर दूर है। इतनी दूरी होने के कारण अमेरिका यहां से बिना सीधे खतरे के दायरे में आए लंबी दूरी के मिशन लॉन्च कर सकता है।
ईरान का दावा- इजराइली एयरपोर्ट पर हमला किया
ईरान की सेना इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा है कि उसने इजराइल के बेन गुरियन एयरपोर्ट पर ड्रोन से हमला किया है।
उनका कहना है कि इस हमले से एयरपोर्ट का काम प्रभावित हुआ है। उड़ानें और सेना के विमानों में ईंधन भरने में दिक्कत आई है। हालांकि, अभी तक इस हमले की पुष्टि नहीं हुई है।

