March 8, 2026

खतरे के निशान के ऊपर पहुंचा यमुना का जलस्तर, रोड पर झोपड़ी लगाकर रह रहे लोग

Faridabad/Alive News: दिल्ली ओखला बैराज से सोमवार को यमुना नदी में 1 लाख 73 हजार 632 क्यूसेक पानी छोड़ दिया गया है। लगातार यमुना का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंचता जा रही है। फरीदाबाद की सीमा पर यमुना नदी का पानी 199.95 मीटर पर बह रहा है। जबकि यहां खतरे का निशान 202.30 मीटर है। प्रशासन ने 27 गांव को संवेदनशील और 14 गांव को अति संवेदनशील घोषित किया है ।

हथनी कुंड बैराज से सोमवार सुबह यमुना में छोड़ा गया तीन लाख 39 हजार क्यूसेक पानी आज फरीदाबाद की सीमा में प्रवेश करेगा। साल 2023 में अब तक का अधिकतम 3 लाख 72 हजार 225 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। वहीं शायद  इस बार  पानी 2023 का रिकॉर्ड तोड़ सकता है। जिस कारण यमुना से सटे हुए गांवों की हालात बिगड़ सकती है। प्रशासन ने 14 गांव बसंतपुर, किडावली, लालपुर, महावतपुर, राजपुर कलां व तिलोरी खादर, अमीपुर व चिरसी, मंझावली, चंदपुर, मोठुका, अरुआ, छांयसा और मोहना गांव में बाढ़ का सबसे ज्यादा खतरा बताया है साथ ही 27 गांव संवेदनशील घोषित किये है।

उधर, यमुना के किनारे बसे इस्माइलपुर गांव में सब्जियों की खेती करने वाले किसानों ने सड़क किनारे पर झोपड़ी लगाकर अपना घर बसा लिया है। ऐसा देखा जा रहा है कि इन लोगों को शेल्टर होम की कोई जानकारी नहीं है, वह लोग सड़क के किनारे झोपड़ी डालकर बच्चों के साथ यहां रह रहे हैं और रात को यहीं पर सो जाते हैं। बताया जा रहा है कि सब्जियों की करीब 100 एकड़ की खेती में बर्बाद हो चुकी है।