March 7, 2026

यमुना का जलस्तर उफान पर, प्रशासन सतर्क

Faridabad/Alive News: ओखला बैराज से 11 हजार 413 क्यूसिक पानी छोड़े जाने के बाद यमुना फरीदाबाद के उफान पर बह रही है। अभी तक पानी किनारे से बाहर निकल कर फसलों में नहीं फैला है। प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है। किनारे बसे गांवों के सरपंचों को सर्तक कर दिया है और मुनादी करने के आदेश दिए हैं। ताकि किसी तरह की कोई दुर्घटना न घटे।

अभी तक की अच्छी वर्ष जिले में नहीं हुई है। पहाड़ों में वर्षा होने से हथिनी कुंड बैराज का जलस्तर बढ गया। सिंचाई विभाग ने हथिनी कुंड बैराज से मंगलवार को 24 हजार 048 क्यूसिक पानी छोड़ा था। जो बृहस्पतिवार को ओखला बैराज में पहुंच गया।

ओखला बैराज से उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग ने 11 हजार 413 क्यूसिक पानी फरीदाबाद की सीमा में छोड़ दिया। अब लगातार यमुना में पानी छोड़ा जा रहा है। यमुना का जलस्तर बढ़ने के बाद प्रशासन ने सरपमचों से किनारे बसे गांवों में मुनादी करा दी है। ग्रामीणें से कहा है कि वह यमुना की तरफ न जाएं । अब यदि खेतों पर जाना है तो वह मोहना पुल से होकर जाएं। जो किसान खेतों पर उन्हें गांव में ले आएं। कोई भी व्यक्ति यमुना में तैरने की कोशिश म करें ।पशुओं के नदी की तरफ न जाने दें। पंचायतों के सचिव और पटवारियों को भी पूरी तरह से निगाह बना कर रखने के लिए कहा है। थाना छायंसा और तिगांव पुलिस यमुना पर गश्त कर रही हैं।

क्या कहना है सरपंच चांदपुर का
सैकड़ों किसानों ने यमुना के तल में सब्जी परमल, घीया, तोरई, पेठा, हरी मिर्च और हरे चारे ज्वार की फसल लगाई थी। यमुना का जलस्तर बढ़ने से इन किसानों की फसल बह गई है। जलस्तर यमुना के घेरे से बह रहा है। अभी तक घेरे से बाहर निकलकर पानी किनारे के खेतों में खड़ी फसलों में नही फैला है।

  • सुरजपाल भूरा, सरपंच चांदपुर

क्या कहना है एसडीएम का
यमुना में जलस्तर बढ़ने से अभी तक किसी को कोई नुकसान व खतरा नहीं है। फरीदाबाद में खतरा का निशान तीन लाख 72 क्यूसिक है। शुक्रवार को ओखला बैराज से 11 हजार 413 क्यूसिक पानी छोड़ा गया है। सभी सरपंचों को यमुना का जलस्तर का ध्यान रखने के लिए कहा है। अभी तक किसी भी गांव की आबादी में भी जलभराव नहीं हुआ है।

  • मयंक भारद्वाज, एसडीएम