March 7, 2026

ग्रेटर फरीदाबाद की कॉलोनियों में अमृत प्रोजेक्ट का काम फिर शुरू, मैनहोल को लेकर खत्म हुआ विरोध

Faridabad/Alive News: ग्रेटर फरीदाबाद क्षेत्र की 20 से अधिक कॉलोनियों में सीवर सुविधा उपलब्ध कराने के लिए चल रहे अमृत प्रोजेक्ट पार्ट-1 का काम एक बार फिर शुरू हो गया है। सीवर लाइन में दो मैनहोल बनाए जाने को लेकर स्थानीय लोगों के विरोध के चलते यह कार्य रुका हुआ था। लोगों का आरोप था कि 1200 एमएम क्षमता की सीवर लाइन बिछाने से उनके मकानों में दरारें आ सकती हैं।

मंत्री की पहल के बाद स्थानीय निवासियों का विरोध समाप्त हुआ और निगम ने दो मैनहोल का निर्माण कार्य दोबारा शुरू कर दिया। नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, करीब 156 करोड़ रुपये की लागत से चल रहा यह प्रोजेक्ट अगले 10 दिनों में पूरा कर लिया जाएगा।

गौरतलब है कि नगर निगम ने वर्ष 2019 में अमृत प्रोजेक्ट की शुरुआत की थी। इसके तहत पल्ला बसंतपुर रोड से तिलपत होते हुए बादशाहपुर एसटीपी तक करीब आठ किलोमीटर लंबी सीवर लाइन बिछाई जानी थी, ताकि क्षेत्र में गंदे पानी की समस्या से निजात मिल सके। सीवर लाइन के अभाव में इन कॉलोनियों के निवासियों को लंबे समय से भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।

हालांकि, काम शुरू होने के बाद कोविड-19 महामारी के चलते वर्ष 2022 में परियोजना को रोकना पड़ा। इसके बाद 2023 के अंत में दोबारा काम शुरू हुआ। सीवर लाइन में मात्र पांच मीटर का काम शेष था, जिसमें दो मैनहोल का निर्माण शामिल था, लेकिन विरोध के चलते यह कार्य अधर में लटक गया था।

चीफ इंजीनियर पर लगे थे आरोप
इस मामले में खाद्य आपूर्ति मंत्री राजेश नागर की शिकायत पर मुख्यमंत्री नायब सैनी ने चीफ इंजीनियर बी.के. करदम के खिलाफ चार्जशीट जारी की थी। मामले की जांच के लिए एक समिति भी गठित की गई थी। हालांकि, जांच के बाद बी.के. करदम को क्लीन चिट दे दी गई।

क्या कहना है खाद्य आपूर्ति मंत्री का

अमृत प्रोजेक्ट पार्ट वन के तहत सीवर लाइन बिछाने का काम शुरू कर दिया गया है। कॉर्पोरेशन अधिकारियों को पूरी सावधानी से काम करने का आदेश दिया गया है।

-राजेश नागर, खाद्य आपूर्ति मंत्री, हरियाणा सरकार

क्या कहना है एग्जीक्यूटिव इंजीनियर का

सीवर लाइन के लिए मैनहोल बनाने का काम शुरू कर दिया गया है। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने पर 20 से ज़्यादा कॉलोनियों में सीवर ओवरफ्लो की समस्या पूरी तरह खत्म हो जाएगी।

-नितिन कादियान, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, नगर निगम