October 7, 2026

बीके अस्पताल में पत्नी ने खुद पति को लगाया इंजेक्शन, व्यवस्था पर उठे सवाल

Faridabad/Alive News: बीके अस्पताल में मरीजों को इलाज के दौरान कितनी परेशानी उठानी पड़ती है, इसका एक मामला बुधवार को सामने आया। अस्पताल की इमरजेंसी के बाहर एक महिला अपने पति को खुद इंजेक्शन लगाती नजर आई। महिला का कहना है कि वह नर्स नहीं है, लेकिन अस्पताल में इंजेक्शन लगवाने के लिए कई बार इधर-उधर भेजे जाने और इंतजार करने के बाद उसने खुद इंजेक्शन लगाने का तरीका सीख लिया।

सुभाष कॉलोनी निवासी कंचन ने बताया कि उनके पति अमरचंद्र गोयल आनुवंशिक बीमारी से पीड़ित हैं और उन्हें नियमित रूप से एमोपिलिए के इंजेक्शन लगाने पड़ते हैं। कंचन के अनुसार, वह कई बार पति को इंजेक्शन लगवाने के लिए बीके अस्पताल लेकर आ चुकी हैं। उनका आरोप है कि कभी उन्हें एक जगह भेजा जाता है तो कभी दूसरी जगह। इस दौरान काफी समय निकल जाता है। बार-बार ऐसी स्थिति आने के कारण उन्होंने खुद इंजेक्शन लगाना सीख लिया।

कंचन ने बताया कि बुधवार को भी उन्होंने अस्पताल की इमरजेंसी के बाहर पति को इंजेक्शन लगाया। उन्होंने कहा कि अब उनके बेटे को भी इंजेक्शन लगाने का तरीका आता है। उनके अनुसार, पति को सप्ताह में करीब दो बार कई इंजेक्शन लगाने पड़ते हैं। एक इंजेक्शन की कीमत करीब 5 हजार रुपये है और एक बार में करीब 30 से 35 हजार रुपये तक का खर्च आता है। हालांकि, सरकार की ओर से ये इंजेक्शन निशुल्क उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

महिला का कहना है कि मरीज को नियमित उपचार की जरूरत होती है। ऐसे में अस्पताल में इंजेक्शन लगाने में देरी या अलग-अलग जगह भेजे जाने से मरीज और परिजन दोनों परेशान होते हैं। इसी परेशानी के कारण परिवार ने खुद इंजेक्शन लगाने की प्रक्रिया सीख ली।

क्या कहना है अस्पताल प्रबंधन का

मामले की जानकारी लेकर जांच की जाएगी।
— अस्पताल प्रबंधन