April 5, 2025

कन्याओं कौन सा उपहार नहीं देना चाहिए, पढ़िए खबर

Religion/Alive News: चैत्र नवरात्रि के नौ दिवसीय व्रत का समापन अष्टमी या नवमी को कन्या पूजन और हवन के साथ किया जाता है। इस दिन मां दुर्गा के नौ रूपों का प्रतीक मानकर छोटी कन्याओं को आदरपूर्वक आमंत्रित किया जाता है, उन्हें भोजन कराया जाता है और साथ में उपहार भी भेंट किए जाते हैं। लेकिन अक्सर लोग जाने-अनजाने में ऐसी चीजें दे देते हैं जो धार्मिक दृष्टि से अनुचित या अशुभ मानी जाती हैं।

चमड़े से बनी चीजें- बैग, बेल्ट, पर्स या जूते जो चमड़े से बने हों, उन्हें उपहार में देना नवरात्रि की सात्विकता के विपरीत माना जाता है। चमड़ा पशु हिंसा से जुड़ा होता है, जबकि देवी पूजन पूर्णतः पवित्र और अहिंसक भाव से किया जाता है।

काले रंग की वस्तुएं- धार्मिक अनुष्ठानों में काले रंग को अक्सर अशुभ माना जाता है. काले कपड़े, चूड़ियां या कोई अन्य काली वस्तु कन्याओं को न दें।

नुकीली चीजें- चाकू, कैंची, सुई जैसी नुकीली वस्तुएं उपहार में देना वर्जित होता है. इन्हें विघ्न, नुकसान या रिश्तों में कटाव का प्रतीक माना जाता है।

पुरानी या इस्तेमाल की गई वस्तुएं- कन्या पूजन के समय कभी भी पुराने या उपयोग में आ चुके उपहार न दें। यह आदर की भावना के विपरीत होता है। उपहार हमेशा नई और साफ-सुथरी वस्तुएं ही दें।

नकारात्मक प्रतीक वाली वस्तुएं- ऐसी कोई भी चीज़ जिसमें दुख, डर या हिंसा दर्शाने वाले चित्र या संदेश हों, उन्हें बच्चों को देना गलत है। उपहारों में हमेशा सकारात्मक, सांस्कृतिक और शुभ प्रतीक वाली चीज़ें ही शामिल करें।

कन्याओं को क्या दें उपहार-

कन्या पूजन के दिन आप कुछ चीजें कन्याओं को उपहार में दे सकते हैं। अष्टमी-नवमी पर कन्या पूजन के दिन आप कन्याओं को नई चूड़ियां या कंगन, लाल चुनरी या दुपट्टा, मिठाई और फल, पेन, पेंसिल, नोटबुक, हेयर क्लिप्स, रबर बैंड, हेयर बैंड, पर्स या छोटी पानी की बोतल, पाठ्य सामग्री जैसे किताबें या ड्राइंग किट, छोटे खिलौने या तिलक व रोली का किट।

नोट- अलाइव न्यूज़ इसकी पुष्टि नहीं करता।