Faridabad/Alive News: अनंगपुर में हो रही वन क्षेत्र में बने मकानों की तोड़फोड़ के संबंध में आज रविवार को सूरजकुंड में महापंचायत का आयोजन किया गया। विजय प्रताप ने इस महापंचायत में आए लोगों का स्वागत करते हुए कहा कि आज मैं सबसे पहले तो देश के काैन – काैन से हमारे इस ऐतिहासिक गांव अनंगपुर में पधारे लोगों का स्वागत करता हुं।
विजय प्रताप सिंह ने बताया कि आज अनंगपुर गांव और उसकी संस्कृति पर संकट है। इस ऐतिहासिक गांव अनंगपुर को दिल्ली के राजा अनंगपाल ने 1300 साल पहले बसाया गया था। हमारे सूरजकुंड स्थल पर देशों विदेशों से कलाकार आते है। अपने गांव की भक्ति करना हमारा सौभाग्य है क्योंकि हम इस महा अरावली पर्वत में पैदा हुए है।
उन्होंने बताया कि आज गर्मी में व भारी बारिश के बाद भी लाेगाें ने इस महापंचायत में आकर हमारा हौसला बढ़ाया है। यह महापंचायत काफी अनोखी है क्योंकि हिन्दुस्तान का ये पहला गांव है जिस को अवैध बताकर उजाड़ा जा रहा है। लाेगाें काे अपने घर उजड़ते हुए देख काफी दुख होता है।
1300 साल पहले से ही हमारे पूर्वज यहां रहे है। ताे ये फॉरेस्ट यहां कहां से आ गया। वन विभाग ने साढ़े 6 हजार मकानों नोटिस दिया। जिसमें 1 हजार मकान तो गांव के है। साढ़े 5 हजार मकान हमारे प्रवासी भाइयों के है। जाे 19 साल से यहां पर रह रहे है और 5 साल पहले हमारी यहां एक बस्ती थी।
अनंगपुर गांव के खाेरी गांव में माइनिंग होता थी व करेसर चलते थे। तमाम मजदूर यहां काम करने आते थे और यही बस्ती बनाकर रहने लगे थे। वह बस्ती 10 हजार मकानों की थी। जिसको सन् 2021 में हरियाणा सरकार ने फारेस्ट की जमीन बताकर सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का हवाला देकर खाली करा दिया। उसके बाद जमाई काॅलाेनी काे नाेटिस देकर तोड़ दिया गया था। मैने तब भी कहा कि अब उनकी नजर अनंगपुर गांव पर पडे़गी। अब तक तो कॉलोनियों को ही उजाड़ रहे थे लेकिन अब गांवों को भी उजाड़ रहे है।

