March 7, 2026

शहर से कूड़ा ढोने वाले वाहन खुली बॉडी और ओवरलोडिंग से कर रहे है एनजीटी के नियमों की अवहेलना

Faridabad/Alive News: फरीदाबाद में नगर निगम की लापरवाही एक बार फिर सामने आई है। शहर के डबुआ लेजर वैली कूड़ा छटाई सेंटर से गुरुग्राम रोड बंधवाड़ी डंपिंग यार्ड तक चलने वाले कूड़ा ढोने वाले ट्रक बिना तिरपाल के खुले में दौड़ रहे हैं। इन ट्रक से रास्ते में कचरा गिर रहा है, जिससे सड़कें गंदी हो रही हैं और पूरे इलाके में बदबू फैल रही है।

इन ट्रक में ओवरलोडिंग भी की जा रही है। खुले में कचरा ले जाने के कारण सड़क पर चलते वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हवा के झोंकों से कचरा उड़कर सड़कों और राहगीरों पर गिरता रहता है। सुबह और शाम के समय जब ट्रैफिक ज्यादा होता है, तब ये ट्रक खुले में कचरा ढोते हुए सबसे ज्यादा नजर आते हैं। इससे सड़कें फिसलन भरी हो जाती हैं और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। खासकर दोपहिया वाहन चालक, बच्चे और बुजुर्ग इस स्थिति से ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। जिन सडको से ये कूडे के ट्रक गुजरते है उनके आसपास के क्षेत्रों में गंदगी और दुर्गंध के कारण लोगों का रहना मुश्किल हो रहा है।

गौर करने वाली बात यह है कि राष्ट्रीय हरित ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने पहले ही आदेश दिए हैं कि कोई भी ट्रक ओवरलोड या बिना तिरपाल लगाए कचरा नहीं ढो सकता। बावजूद इसके, फरीदाबाद नगर निगम के ज्यादातर कूड़ा उठाने वाले वाहन एनजीटी के नियमों की खुली अवहेलना करते हुए दिखाई दे रहे हैं। इससे न केवल शहर की सडको की स्वच्छता प्रभावित हो रही है, बल्कि वायु प्रदूषण भी बढ़ रहा है। इस मामले पर नगर निगम के उच्च अधिकारियों को तुरंत संज्ञान लेना चाहिए।

आरटीआई कार्यकर्ता रविंद्र चावलाका कहना है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले ठेकेदारो के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और उनके ठेके भी रद्द होने चाहिए। ताकि शहर सड़कों पर फैलने वाली गंदगी को रोका जा सके। ओवरलोड वाहनों के चालान होने चाहिए।  जिन रास्तों पर कचरा गिरा है, वहां नगर निगम को तुरंत क्लीन-अप ड्राइव चलाकर सफाई की जाए। फरीदाबाद जैसे औद्योगिक और आबादी वाले शहर में इस तरह की लापरवाही न सिर्फ स्वच्छता मिशन को कमजोर कर रही है, बल्कि लोगों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए भी खतरा बनती जा रही है।