March 8, 2026

हरियाणा के गैर-एनसीआर जिलों में ईंट भट्टों में पराली आधारित बायोमास पेलेट का उपयोग अनिवार्य, राजेश नागर ने दी जानकारी

Faridabad/Alive News: पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए हरियाणा सरकार ने राज्य के गैर-एनसीआर जिलों में स्थित सभी ईंट भट्टों में धान की पराली से बने बायोमास पेलेट्स के उपयोग को अनिवार्य कर दिया है। यह निर्णय वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत लिया गया है।

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री राजेश नागर ने बताया कि इस संबंध में अम्बाला, फतेहाबाद, हिसार, कैथल, कुरुक्षेत्र, पंचकूला, सिरसा और यमुनानगर जैसे गैर-एनसीआर जिलों के अधिकारियों को पत्र भेजकर तुरंत अनुपालन के निर्देश दिए गए हैं।

मंत्री नागर ने कहा कि यह फैसला न केवल पराली जलाने से होने वाले प्रदूषण को रोकने में मदद करेगा, बल्कि पराली का उचित और लाभकारी उपयोग भी सुनिश्चित करेगा। उन्होंने बताया कि बायोमास पेलेट्स का उपयोग एक चरणबद्ध तरीके से बढ़ाया जाएगा। इसके तहत ईंट भट्टों में निम्नानुसार मिश्रण अनिवार्य किया गया है:

01 नवंबर 2025 से – न्यूनतम 20% सम्मिश्रण

01 नवंबर 2026 से – न्यूनतम 30% सम्मिश्रण

01 नवंबर 2027 से – न्यूनतम 40% सम्मिश्रण

01 नवंबर 2028 से – न्यूनतम 50% सम्मिश्रण

राजेश नागर ने बताया कि बायोमास पेलेट्स एक प्रकार का ठोस ईंधन है, जिसे लकड़ी, कृषि अवशेषों व अन्य जैविक पदार्थों को प्रसंस्कृत कर बेलनाकार छर्रों के रूप में तैयार किया जाता है। यह पारंपरिक कोयले की अपेक्षा अधिक पर्यावरण-अनुकूल होता है और प्रदूषण को कम करने में सहायक है।a