Faridabad/Alive News: फरीदाबाद में कंपनी की ई-मेल आईडी हैक कर भुगतान के लिए बैंक खाता बदलने और 92.89 लाख रुपये की साइबर ठगी करने का मामला सामने आया है। साइबर थाना बल्लभगढ़ की टीम ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनकी पहचान उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा निवासी विक्रांत और मैनपुरी निवासी नवीन कुमार उर्फ अमित, हाल निवासी उत्तम नगर, दिल्ली के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, ठगी की रकम से करीब 50 लाख रुपये का सोना खरीदा गया, जबकि बाकी रकम चेक और एटीएम के जरिए निकाली गई। दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर नौ दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
पुलिस के अनुसार, बल्लभगढ़ के सेक्टर-7E निवासी एक व्यक्ति की सरूरपुर औद्योगिक क्षेत्र में कंपनी है, जहां गाड़ियों में इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक के पार्ट्स बनाए जाते हैं। कंपनी दूसरी कंपनी की विभिन्न शाखाओं में सामान सप्लाई करती थी और उसका भुगतान ऑनलाइन बैंक खाते में आता था।
ई-मेल के जरिए बदलवाया बैंक खाता
शिकायतकर्ता को जब सामान की सप्लाई का भुगतान समय पर नहीं मिला, तो उसने संबंधित कंपनी की शाखा से संपर्क किया। वहां पता चला कि उसकी कंपनी की ई-मेल आईडी से बैंक खाता बदलने के लिए ई-मेल भेजी गई थी। इसमें भविष्य का भुगतान नए बैंक खाते में करने के लिए कहा गया था।
इसके बाद 3 सितंबर से 21 सितंबर 2026 के बीच दूसरी कंपनी ने नए बताए गए बैंक खाते में भुगतान कर दिया। बाद में शिकायतकर्ता ने अपनी कंपनी की ई-मेल आईडी और भुगतान संबंधी रिकॉर्ड की जांच कराई, तो पता चला कि उसकी ओर से बैंक खाता बदलने के लिए कोई ई-मेल नहीं भेजी गई थी। जांच में करीब 92.89 लाख रुपये की ठगी का पता चला। इसके बाद साइबर थाना बल्लभगढ़ में मामला दर्ज किया गया।
ठगी की रकम से खरीदा 50 लाख रुपये का सोना
पुलिस जांच में सामने आया कि विक्रांत के पास आसिफ हुसैन नाम के व्यक्ति के बैंक खाते और अन्य दस्तावेज थे। ठगी की पूरी रकम आसिफ हुसैन के बैंक खाते में आई थी। इसके बाद विक्रांत ने उस खाते से करीब 50 लाख रुपये का सोना खरीदा। बाकी रकम चेक और एटीएम के जरिए निकाली गई। पुलिस के मुताबिक, नकदी और सोना ठगी में शामिल अन्य लोगों तक पहुंचाया गया।
फर्जी दस्तावेज तैयार करने में नवीन की भूमिका
पुलिस के अनुसार, दूसरे आरोपी नवीन कुमार उर्फ अमित ने आसिफ हुसैन के आधार कार्ड और पैन कार्ड पर लगी फोटो को एडिट करके उसकी जगह विक्रांत की फोटो लगा दी थी। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर विक्रांत ने सोना खरीदा था।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें नौ दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। फिलहाल पुलिस ठगी की रकम के लेन-देन, खरीदे गए सोने, नकदी की निकासी और फर्जी दस्तावेज तैयार करने के साथ-साथ गिरोह में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।

