Faridabad/Alive News: टेक्नोलॉजी के सदुपयोग के साथ-साथ दुरुपयोग भी किया जा रहा है। जिसमें साइबर ठग तकनीकी का गलत उपयोग कर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। ऐसे ही एक मामले में एनआईटी फरीदाबाद में रहने वाले एक व्यक्ति के साथ कस्टम अधिकारी बनकर विदेश में गैर कानूनी सामान जाने के नाम पर 1 लाख 10 हजार रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। जिस मामले में साइबर थाना एनआईटी की पुलिस ने दो आरोपियों को बीकानेर राजस्थान से गिरफ्तार किया है।
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि रोहित गौड निवासी सेक्टर-14, मुक्ता प्रसाद कालोनी एमपी कालोनी बीकानेर राजस्थान व मनीष जांगू निवासी गांव भौजास तहसील खैवरस, जिला नागौर राजस्थान को बीकानेर राजस्थान से गिरफ्तार किया है। जिनके संबंध में 4 अक्टूबर 2024 को एनआईटी के रहने वाले एक व्यक्ति ने शिकायत पुलिस को दी थी। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि 3 अक्टूबर को शिकायतकर्ता के पास कस्टम डिपार्टमेंट का कॉल आया, ठग ने बताया कि कुछ गैर कानूनी सामान देश के बाहर जा रहा है जिसमें एटीएम पासपोर्ट में अन्य कुछ समान है।
अगर, यह सामान शिकायतकर्ता ने नहीं भेजा है तो वह मुंबई कस्टम विभाग में आकर अपनी शिकायत करें। वरना, उसके खिलाफ पुलिस शिकायत की जाएगी। ठग ने मुम्बई अंतेरी पुलिस स्टेशन से बात कराई, व्हाट्सएप पर ठग ने अपने आपको Police DCP बताया और कहा कि शिकायतकर्ता के आधार कार्ड से बहुत सारे गैर कानूनी धंधे है और ठगों ने शिकायतकर्ता को अरेस्ट का डर दिखाकर 1 लाख 10 हजार रुपए की ठगी कर ली है। इस मामले में थाना साइबर एनआईटी में मामला दर्ज किया गया।
साइबर पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी रोहित खाताधारक है जिसके खाते में पुलिस को ठगी के 95 हजार रुपए मिले थे। रोहित ने अपना खाता आगे कमीशन पर दिया था। आरोपी मनीष खाता उपलब्ध करने वाला है, जिसने कमीशन पर आगे खाता मुहैया कराया था। दोनों आरोपियों को मामले में पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया जाएगा।