Faridabad/Alive News: सेक्टर-21बी स्थित जीवा पब्लिक स्कूल में ट्रैफिक पुलिस विभाग के सहयोग से सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में एएसआई वीरेंद्र सिंह, जिन्हें सभी प्यार से “ट्रैफिक ताऊ” कहते हैं, उपस्थित रहे।
कार्यशाला में ‘ट्रैफिक ताऊ’ ने बच्चों को मजेदार और व्यवहारिक तरीके से सड़क सुरक्षा नियमों का महत्व समझाया। उन्होंने बताया कि सड़क पार करते समय सावधानी रखना, ट्रैफिक सिग्नल का पालन करना और हेलमेट व सीट बेल्ट का उपयोग जीवन की सुरक्षा के लिए जरूरी है।
उन्होंने विद्यार्थियों को चेतावनी दी कि मोबाइल फोन पर बात करते हुए गाड़ी चलाना या नशे की हालत में ड्राइविंग करना न केवल कानून का उल्लंघन है बल्कि यह स्वयं और दूसरों के जीवन के लिए भी खतरनाक है।
ट्रैफिक ताऊ ने यह भी बताया कि 16 वर्ष से कम आयु के बच्चे दोपहिया वाहन नहीं चला सकते। जबकि 16 वर्ष से अधिक आयु के छात्र केवल बिना गियर वाले वाहन को लर्निंग लाइसेंस के साथ ही चला सकते हैं। अगर किसी नाबालिग को गियर वाला वाहन चलाते पाया गया तो अभिभावकों पर 25,000 रुपये जुर्माना और तीन साल की सजा हो सकती है।
उन्होंने जीवा पब्लिक स्कूल के ट्रैफिक क्लब की सराहना करते हुए कहा कि यहां के बच्चे समाज के “ट्रैफिक एंबेसडर” हैं, जो समय-समय पर ट्रैफिक नियमों के प्रति लोगों को जागरूक करते हैं। स्कूल की ट्रैफिक टीम रोजाना स्कूल गेट पर स्लोगन कार्ड, प्रतीक चिन्ह और पंपलेट के माध्यम से लोगों को संदेश देती है –
“सड़क सुरक्षा ही जीवन सुरक्षा है!”
विद्यालय के अध्यक्ष ऋषिपाल चौहान ने कहा कि जीवा पब्लिक स्कूल विद्यार्थियों को जीवन के हर क्षेत्र में अनुशासन और सुरक्षा के मूल्य सिखाता है। सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करना हर नागरिक का कर्तव्य है।
कार्यक्रम छात्रों के लिए जानकारीपूर्ण, प्रेरणादायक और मनोरंजक रहा। अंत में ‘ट्रैफिक ताऊ’ ने सभी बच्चों को समाज में सुरक्षित यातायात संस्कृति फैलाने की शपथ दिलाई।

