March 7, 2026

मन, वचन और कर्म में समग्रता जरूरी – साध्वी ऋतंभरा

Faridabad/Alive News: वात्सल्य ग्राम वृंदावन की संस्थापक और प्रसिद्ध राम कथा वाचक पद्मभूषण साध्वी ऋतंभरा ने कहा कि हमें अपने जीवन में मन, वचन और कर्म की एकरूपता बनाए रखनी चाहिए। वह सेक्टर-15 के कम्युनिटी सेंटर में 6 सितंबर तक चल रही रामकथा में बोल रही थीं।

साध्वी ऋतंभरा ने कहा कि दुख कई रूपों में आता है, लेकिन हमें भगवान पर विश्वास रखना चाहिए। हमारी वाणी सोच-समझकर प्रयोग करनी चाहिए, क्योंकि गलत शब्द किसी को गहरा आघात पहुंचा सकते हैं, जबकि सही शब्द दुखी मन को भी शांत कर सकते हैं। उन्होंने सभी से वाणी का दुरुपयोग न करने और साक्षी भाव में रहने की अपील की।

उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि हर व्यक्ति पर उसके माता-पिता और साथ रहने वालों का प्रभाव पड़ता है, लेकिन यह स्थायी नहीं होता। केवल हमारा स्वभाव ही स्थायी रहता है।

कार्यक्रम में परम शक्ति पीठ के महासचिव संजय भैया, मुख्य यजमान प्रेम पसरिचा, आरएसएस संघचालक डॉ. अरविंद सूद, पार्षद कुलदीप साहनी समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।