March 7, 2026

छात्र की पिटाई मामला हुआ गंभीर, आरोपित अध्यापक गिरफ्तार

Faridabad/Alive News: स्कूल से बिना बताए घर चले जाने पर कक्षा नौवीं के दो विद्यार्थियों की डंडों से पिटाई करने के मामले में सारण थाना पुलिस ने आरोपित अध्यापक नरेंद्र राठी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर चालान के साथ अदालत में पेश करने की तैयारी कर ली है। मामले की गंभीरता को देखते हुए शिक्षा विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में स्कूल के अन्य विद्यार्थियों से भी पूछताछ की गई। पुलिस अध्यापक के पुराने रिकॉर्ड की जांच कर रही है और उनके पूर्व स्कूल में भी पूछताछ की जा सकती है।

यह घटना मंगलवार को सराय स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में हुई। जानकारी के अनुसार, कक्षा नौवीं के दोनों विद्यार्थी सोमवार को बिना सूचना दिए स्कूल से घर चले गए थे। इससे नाराज होकर अध्यापक ने मंगलवार को विद्यार्थियों को कक्षा के तलवों पर डंडों से पीटा। पिटाई का वीडियो कक्षा के ही एक अन्य विद्यार्थी ने चुपचाप रिकॉर्ड कर लिया, जो बुधवार सुबह सोशल मीडिया पर प्रसारित हो गया।

वीडियो सामने आने के बाद पुलिस हरकत में आई। ड्रेस के आधार पर स्कूल की पहचान की गई। इसके बाद पुलिस ने अध्यापक, विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों से पूछताछ की। बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) ने भी पीड़ित विद्यार्थियों के बयान दर्ज किए। बृहस्पतिवार को भी पुलिस टीम स्कूल में मौजूद रही और अन्य अध्यापकों व विद्यार्थियों से पूछताछ जारी रही।

आधे घंटे बाहर बैठाया, फिर की पिटाई
पीड़ित विद्यार्थियों ने बताया कि वे मंगलवार को रोज की तरह स्कूल आए थे। तीसरे पीरियड में गणित के अध्यापक ने कक्षा में प्रवेश करते ही दोनों को यह कहते हुए बाहर भेज दिया कि उन्हें पढ़ना नहीं है। दोनों को करीब आधे घंटे तक ठंड में बाहर बैठाए रखा गया। चौथे पीरियड में संस्कृत अध्यापिका के अनुपस्थित रहने पर नरेंद्र राठी ने ही कक्षा ली। उन्होंने दोनों विद्यार्थियों को अंदर बुलाया और तीन अन्य छात्रों को बुलाकर धमकाया कि यदि वे पैरों को ठीक से नहीं पकड़ेंगे तो उनकी भी पिटाई होगी। इसके बाद कक्षा के सामने दोनों छात्रों के तलवों पर डंडे बरसाए गए।

पहले भी करते रहे हैं पिटाई
अन्य विद्यार्थियों ने बताया कि आरोपी अध्यापक अनुशासन और पढ़ाई के नाम पर अक्सर इस तरह की पिटाई करते रहे हैं। छात्रों का कहना है कि यदि स्कूल में इस तरह मारपीट होती रही तो बच्चे स्कूल आने से डरेंगे।

वहीं, पीड़ित विद्यार्थियों के स्वजनों ने आरोप लगाया कि पिटाई के दौरान परिवार का कोई सदस्य मौजूद नहीं था और अब अध्यापक को बचाने के लिए स्कूल प्रबंधन की ओर से बयान दिए जा रहे हैं। स्वजनों का कहना है कि यदि उन्हें समय पर घटना की जानकारी होती तो वे पहले ही शिकायत दर्ज करा देते।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

क्या कहना है सीडब्ल्यूसी का

बीते दिनों गौंछी के सरकारी स्कूल में बच्चे की पिटाई पर अध्यापक के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। वर्ष 2019 में सेक्टर-21डी स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में सवाल का जवाब नहीं देने पर अध्यापक ने बच्चों की पिटाई पानी के पाइप से की थी। संबंधित मामले में अध्यापकों के खिलाफ कार्रवाई हुई थी। बच्चों बर्बरता से पीटना, उपेक्षित करना और कक्षा के बाहर अनावश्यक खड़ा रखने पर जेजे एक्ट के तहत अध्यापक पर कार्रवाई की जाती है। अध्यापक बच्चों को पढ़ाने के लिए हैं, डराना ठीक है, लेकिन इस तरह से पिटाई बेहद गलत है।

-श्रीपाल कराहना, पूर्व चेयरमैन, सीडब्ल्यूसी

क्या कहना है थाना प्रभारी का

सरकारी स्कूल की कमेटी से 24 घंटे में रिपोर्ट मांगी गई थी, लेकिन अभी तक पुलिस को मिली नहीं है। एफआइआर दर्ज कर पुलिस ने आरोपित अध्यापक को स्कूल से गिरफ्तार कर लिया गया है। स्कूल में सुबह पुलिस पहुंची थी कक्षा के अन्य विद्यार्थियों के भी बयान दर्ज किए गए हैं। दोनों बच्चों का मेडिकल भी कराया गया है। रिपोर्ट में बच्चों के ज्यादा चोट लगने की पुष्टि नहीं हुई है।

-ब्रह्म प्रकाश, थाना प्रभारी, सारण