Faridabad/Alive News: राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सीही सेक्टर 8 के पावन प्रांगण में दिनांक 9 दिसंबर से चल रहे सात दिवसीय एन एस एस के शिविर का भव्य समापन समारोह के कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ सतीश चन्द्र शर्मा ज्योतिषाचार्य मर्मज्ञ पूर्व प्राचार्य हरियाणा संस्कृत विद्यापीठ बघौला, डॉ जितेन्द्र डायरेक्टर नालंदा स्कूल, संदीप चौधरी समाजसेवी, पूर्व प्राचार्य डॉ रोहतास, दिलबाग सिंह एस एच ओ सैक्टर 8 थाना, अजय कुमार चौकी प्रभारी सेक्टर 8, भारत विकास परिषद की टीम से प्रभा सोलंकी समाजसेविका, दीपा शर्मा, सौभाग्य लक्ष्मी, पूनम प्रभा, नीलम तेवतिया, दीपक गर्ग, लक्की वर्मा प्रधान अग्रसेन मार्केट बल्लभगढ़ रामचरण एन एस एस कार्यक्रम जिलाधिकारी ने दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर विद्यालय के प्राचार्य डॉ जयप्रकाश वैष्णव व कार्यक्रम अधिकारी रोहित कुमार एवं समाजसेवी शिक्षाविद संत सिंह हुड्डा और उप प्राचार्या कमलेश शर्मा, रंजिता प्रवक्ता, निशा डीपी ने सभी अतिथियों को पौधा भेंटकर व फूल माला पहनाकर स्वागत कर अभिनंदन किया। इस अवसर छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम, राष्ट्र भक्ति गीत, भाषण, योगा, सैल्फ डिफेंस, कविता, पेंटिंग की प्रतिभा दिखाई। शिविर से क्या-क्या सीखने को मिला अपने अनुभव मंच से बताएं।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ सतीश चन्द्र शर्मा ने कहा की इस तरह के शिविर से विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास होता है। मुख्य अतिथि डॉ जितेन्द्र सिंह ने कहा कि इस तरह के शिविर से समाजसेवा व राष्ट्र भक्ति की प्रेरणा मिलती है। आज के दौर में बेटियां बेटो से आगे है। अब बेटा-बेटी में कोई अंतर नहीं यह बात सभी समझ चुके है। विशिष्ट अतिथि संदीप चौधरी ने कहा कि बेटियां कमजोर नहीं है। हर क्षेत्र बेटों से आगे है। विद्यालय के प्राचार्य डॉ जयप्रकाश वैष्णव ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए छात्राओं के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि शिक्षा व जादू है जिससे हर मुकाम हासिल हो सकता है। मंच संचालन कर रहे समाजसेवी शिक्षाविद संत सिंह हुड्डा ने इस अवसर पर विद्यालय की उपलब्धियां से सभी अतिथियों को अवगत कराया। शिविर को सफल बनाने में एन एस एस अधिकारी रोहित कुमार ने सभी अध्यापकों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर गांव के गणमान्य व्यक्ति व सभी अध्यापकगण मौजूद थे। सात दिवसीय शिविर को सफल बनाने में प्राचार्य व सभी सम्मानित अध्यापक का अहम योगदान रहा।

