March 7, 2026

दिल्ली–आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग की सर्विस सड़कों का हाल बदहाल, टोल वसूली के बावजूद सुविधाएं नदारद

Faridabad/Alive News: दिल्ली–आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग देश के सबसे व्यस्त हाईवे में शामिल है, जिस पर प्रतिदिन देश-विदेश के हजारों लोग आवागमन करते हैं। रोजाना दो लाख से अधिक वाहन इस मार्ग से गुजरते हैं। बदरपुर बॉर्डर और गदपुरी टोल प्लाजा से प्रतिदिन करीब 20 लाख रुपये से अधिक टोल टैक्स की वसूली की जाती है, लेकिन इसके बावजूद कई स्थानों पर हाईवे की सर्विस सड़कों की हालत बेहद खराब बनी हुई है।

स्थिति यह है कि बिना बारिश के भी कई जगह जलभराव रहता है। वाहन चालकों को सीवर के गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे न केवल परेशानी बढ़ रही है बल्कि सर्विस सड़कें भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। कई जगह तारकोल की सड़क पर इंटरलाकिंग टाइलें लगाई गईं, लेकिन अब वे भी टूट चुकी हैं। सवाल यह उठता है कि भारी भरकम टोल वसूली के बावजूद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) बुनियादी सुविधाएं देने में क्यों नाकाम साबित हो रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारी जमीनी हकीकत के लिए मौका मुआयना तक नहीं करते।

कटलर हैमर से मुजेसर कट तक हालात बदतर

हाईवे किनारे कटलर हैमर उद्योग से लेकर मुजेसर कट तक सर्विस रोड पर आम दिनों में भी सीवर का पानी भरा रहता है। करीब आधा किलोमीटर तक सड़क जलमग्न रहती है। सीवर ओवरफ्लो होने से इलाके में तेज बदबू फैल जाती है, जिससे दुकानदार और राहगीर परेशान हैं। दोपहिया वाहन चालकों के कपड़े भी छींटों से खराब हो रहे हैं।

हाईवे किनारे बसी कॉलोनियों में सीवर जाम होने के कारण यह स्थिति बनी हुई है। लगातार जलभराव के चलते सर्विस रोड पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। एनएचएआई की ओर से यहां इंटरलाकिंग टाइलें लगाई गई थीं, लेकिन वे भी टूट चुकी हैं। सीकरी और झाड़सेंतली क्षेत्र में भी यही हाल है, जहां आसपास का गंदा पानी सर्विस रोड पर जमा हो जाता है।

अजरौंदा मेट्रो स्टेशन के नीचे सीवर ओवरफ्लो

अजरौंदा मेट्रो स्टेशन के नीचे और आसपास भी अक्सर सीवर का पानी ओवरफ्लो रहता है। अजरौंदा गांव की ओर सीवर लाइन जाम होने के कारण गंदा पानी बैक मारकर हाईवे पर भर जाता है। नगर निगम द्वारा कई बार सीवर लाइन की सफाई कराई गई, लेकिन स्थायी समाधान अब तक नहीं हो सका है।

वहीं बाटा चौक के आसपास जलभराव वर्षों पुरानी समस्या बनी हुई है। रेलवे पुल के पास जाने वाली सड़क अक्सर सीवर के पानी में डूबी रहती है। बगल में स्थित रामनगर कॉलोनी का सीवर भी हाईवे तक पहुंच जाता है, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर निगम और संबंधित विभाग इस समस्या के समाधान को लेकर गंभीर नहीं हैं।