August 15, 2026

नोएडा के वह स्वतंत्रता सेनानी, जिन्हें मिली काला पानी की सजा, झेली चीन की प्रताड़ना

Noida/Alive News: सेक्टर 137 स्थित सुपरटेक इकोसिटी निवासी सरकारी स्कूल की पूर्व प्रधानाचार्य व एनसीसी की मेजर (सेवानिवृत) सरोज जोशी अपने पिता को हर साल स्वतंत्रता दिवस पर याद कर भावुक हो जाती हैं। उन्होंने बताया कि उनके पिता गंगा दत्त शर्मा ने स्वतंत्रता संग्राम में पिथौरागढ़ के सीमांत क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 1939 में कांग्रेस से जुड़े और 1940 में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य बने। 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में सक्रिय भाग लेकर गांधीवादी विचारधारा का प्रचार किया और पिथौरागढ़ में गिरफ्तार होकर छह माह की कठोर सजा भुगती। सरोज ने बताया कि उन्होंने अपने पिता की देशभक्ति की अलख जगाये रखते हुए युवतियों को सेना के लिए भी तैयार करने में अपना जीवन खपाया है।

20 साल जेल में रहे, फिर भी नहीं टूटा हौसला
मेरठ के मवाना में जन्मे क्रांतिकारी विष्णु शरण दुबलिश का परिवार वर्तमान में नोएडा के सेक्टर-105 में रहता है। उनके पौत्र राजीव दुबलिश बताते हैं कि काकोरी कांड में शामिल होने के आरोप में उनके दादा को गिरफ्तार कर करीब 20 वर्ष जेल में रखा गया। जेल में उन्हें अंग्रेजों की कड़ी यातनाएं सहनी पड़ीं, लेकिन उन्होंने कभी हिम्मत नहीं हारी। क्रांतिकारियों के बीच उनकी मजबूत पकड़ और लोकप्रियता से जेलर विलियमसन भी नाराज रहता था। एक बार गुस्से में उसने दुबलिश को गोली मारने के लिए राइफल तक उठा ली थी। इसके बावजूद उनका हौसला अडिग रहा। वे अक्सर कहा करते थे- हम लोहे के चने हैं।