Faridabad/Alive News: दशहरे के दिन झूलों के बिना सूना नजर आया एनआईटी-एक का दशहरा मैदान बुधवार को फिर से गुलजार हो गया। मंगलवार को रावण दहन के दिन मैदान में झूले नहीं लगने से मेले में आने वाले लोगों को मायूस होकर लौटना पड़ा था। वहीं, दशहरे के अगले दिन मैदान में बड़े-बड़े झूले लगने के बाद बच्चों और परिवारों की भीड़ उमड़ पड़ी। झूलों पर मस्ती करते बच्चे और मेले में घूमते परिवारों को देखकर मैदान में रौनक लौट आई। दुकानों पर भी लोगों की आवाजाही नजर आई।
मंगलवार को दशहरा मनाने के लिए बड़ी संख्या में लोग मैदान पहुंचे थे, लेकिन झूले नहीं होने से बच्चों को निराशा हुई थी। मेले में झूलों और दुकानों की कमी लोगों को खली थी। बुधवार को तस्वीर बदली नजर आई। मैदान में झूले लगने के बाद बच्चे अपने अभिभावकों के साथ पहुंचे और मेले का आनंद लिया। झूलों के आसपास लोगों की चहल-पहल रही। दशहरे के दिन जो मेला अधूरा लग रहा था, वह अगले दिन काफी हद तक गुलजार नजर आया।
एक दिन बाद झूले देखकर मिली खुशी
सेक्टर-7 निवासी विशाल ने बताया कि वह मंगलवार को दशहरा देखने मैदान में आए थे। उस समय मैदान में झूले नहीं लगे होने से उन्हें थोड़ा बुरा लगा था। बुधवार को जब वह दोबारा आए और झूले लगे देखे तो उन्हें काफी खुशी हुई। वहीं, एनआईटी नंबर-9 से आए शिकम ने कहा कि दशहरे के दिन झूले नहीं लगने से मेले की रौनक गायब थी। अगले दिन झूले लगने से मैदान में फिर से चहल-पहल दिखाई देने लगी।
झूले लगाने वालों ने भी अगले दिन की तैयारी
झूला संचालक सलमान ने बताया कि वह हर साल यहां झूले लगाते हैं, लेकिन इस बार दशहरे के दिन उन्हें झूले लगाने की अनुमति नहीं मिली। इसके बाद बुधवार को उन्होंने झूला लगाया। उन्होंने बताया कि जब दूसरे झूला संचालकों ने भी झूले लगाने शुरू किए तो उन्होंने भी अपना झूला लगा लिया। बुधवार को झूले शुरू होने से बच्चों को मनोरंजन का मौका मिला और मेले में आने वाले लोगों की चहल-पहल बढ़ गई।
भरत मिलाप को लेकर भी उत्साह
दशहरे के अगले दिन मैदान में भरत मिलाप के कार्यक्रम को लेकर भी लोगों में उत्साह रहा। झूले और दुकानें लगने से मेले में आने वाले परिवारों को घूमने-फिरने और बच्चों के साथ समय बिताने का मौका मिला। मंगलवार को झूलों के नहीं लगने से जो रौनक फीकी पड़ गई थी, वह बुधवार को फिर से दिखाई दी।

