March 7, 2026

पीएमश्री विधालय की पुकार, चार करोड़ लगाकर भी नहीं हुआ उद्धार

तिगांव स्थित पीएमश्री माध्यमिक विद्यालय के मैदान में डाला जाता है गांव का कचरा

Faridabad/Alive News: तिगांव : शिक्षा के स्तर को उठाने और विद्यार्थियों को बेहतर माहौल प्रदान करने के उद्देश्य से तिगांव में पीएमश्री राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विधालय की इमारत का निर्माण किया जा रहा है। काम अंतिम चरण में है। इसी महीने में काम पूरा होने की उम्मीद है। पुरी इमारत तो बढ़िया बन गई है लेकिन विधालय के बाहर की हालत दयनीय हैं।

विधालय की तीन ओर की चारदीवारी के साथ कीचड़ जमा पड़ी है, इनका गंदा पानी ओवरफ्लो होकर सड़क तालाब बन जाता है। छात्राओं और अछ्यापकों के स्कूल में आने का रास्ता बंद हो जाता है। कई बार शासन – प्रशासन से शिकायत के बावजूद समाधान नहीं हो पा रहा है। अब क्योकि अंदर इमारत बनकर तैयार हो गई है तो ग्रामीण फिर से आवाज उठा रहे हैं कि बाहर के हालात भी सुधरने चाहिए।

एक दशक से बनी हुई है समस्या : ऐसा नहीं है कि यह समस्या महीने – दो – महीने पहले की है बल्कि एक दशक से ऐसा ही हाल है। हर समय पानी ओवरफ्लो होने से स्कूल की चहारदीवारी र सीलन रहती है। दीवार पर स्वच्छता के बारे में लिखा तो बहुत कुछ है लेकिन नीचे पड़ा कीचड़ हकीकत बयां करने के लिए काफी है।

विधालय के नाम से मैदान पर है कब्जा : विधालय के ठीक सामने काफी जमीन की चहारदीवारी कराई हुई है। इस पर कई जगह बोर्ड लगा है जिस पर विधालय का नाम लिखा हुआ है। पूर्व सरपंच पप्पू नागर ने कब्जे हटाकर इसकी चहारदीवारी कराई थी। तब काफी विवाद हुआ था लेकिन अब फिर से अंदर लोगों ने कब्जा कर लिया है। किसी ने अपने पशु बांधे हुए हैं तो कोई गोबर डालते हैं।

केंद्र की है योजना : पीएमश्री का पुरा मतलब पीएम स्कुल फार राइजिंग इंडिया है। यह केंद्र प्रायोजित योजना है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत काफी स्कूलों को पीएमश्री में तब्दील करना है। स्कूलों के जरिए स्कूली शिक्षा में सुधार की कवायद है।

तीन मंजिला बनी है इमारत : तिगांव में विधालय की तीन मंजिला इमारत बनकर तैयार हुई हैं। इसमें 30 कमरे, लैब सहित अन्य सुविधाएं है। इमारत में 1500 से अधिक छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर सकेंगी। पूरी परियोजना पर करीब चार करोड़ रुपये का खर्च आएगा। इसी महीने में काम पुरा होने के बाद अगले महीने इसे शिक्षा विभाग के हैंडओवर पर दिया जाएगा।

वर्षा के दौरान तो स्कूल में आने का रास्ता बंद हो जाता है। कीचड़ में कई बार बेटियां फिसल जाती हैं। बेटियों के खेलने के लिए भी मैदान नहीं है। गांव के सरपंच से बात हुई है। उन्होंने समाधान करने का आश्वासन दिया है।
-रूप किशोर, प्राचार्य, पीएम – क्षी विधालय

नालियों की नियमित रूप से सफाई कराई जाती है। स्कूल के सामने ग्रामीण कचरा डालने से बाज नहीं आ रहे हैं। इसका भी जल्द समाधान करेंगे। अब रही बात विधालय के मैदान की तो इसका केस चल रहा है। इस पर काई निर्णय आने के बाद ही कब्जे हटाने की कार्रवाई शुरू करेंगे।
– विक्रम प्रताप सिंह, सरपंच