Faridabad/Alive News: अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड मेले में 7 फरवरी को हुए दर्दनाक झूला हादसे में हरियाणा पुलिस के निरीक्षक जगदीश प्रसाद के शहीद होने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। और सरकार मेले मे सुरक्षा जांच कमेटी पर कोई कार्रवाई नही की गई। दूसरी ओर शहीद पुलिस निरीक्षक का पार्थिव शरीर पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया।
पुलिस के अनुसार, सूरजकुंड थाना क्षेत्र में झूला टूटने की इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना के दौरान घायलों को बचाते हुए निरीक्षक जगदीश प्रसाद ने अपने प्राण न्योछावर कर दिए। मामले में झूला संचालित करने वाली हिमाचल फन केयर कंपनी के प्रोपराइटर मोहम्मद शाकिर के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की धारा के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आयुक्त सतेंद्र कुमार गुप्ता ने पुलिस उपायुक्त (अपराध) के पर्यवेक्षण में तीन सदस्यीय विशेष अनुसंधान टीमका गठन किया है। टीम में सहायक पुलिस आयुक्त अपराध-2, क्राइम ब्रांच एन आई के प्रभारी तथा थाना सूरजकुंड के उप निरीक्षक संजय को शामिल किया गया है। एस आई टी वैज्ञानिक पहलुओं के आधार पर मामले की जांच कर रही है।
जांच के दौरान पुलिस ने हिमाचल फन केयर कंपनी के प्रोपराइटर मोहम्मद शाकिर (निवासी गांव टोका नंगला, जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश) और एक अन्य आरोपी नितेश (निवासी धर्मपुरी, सदर मेरठ कैंट, उत्तर प्रदेश) को गिरफ्तार किया है। अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच जारी है।
घटना के बाद पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल और पुलिस आयुक्त सतेंद्र कुमार गुप्ता ने सिविल अस्पताल फरीदाबाद पहुंचकर शहीद निरीक्षक जगदीश प्रसाद के परिजनों से मुलाकात की और उन्हें सांत्वना दी। पुलिस महानिदेशक ने कहा कि निरीक्षक जगदीश प्रसाद ने घायलों को बचाते हुए अद्वितीय साहस का परिचय दिया है, जिस पर पूरा पुलिस विभाग गर्व करता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि विभाग की अनुकंपा योजना के तहत परिवार के योग्य सदस्य को नौकरी दी जाएगी और हर संभव आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
इसके साथ ही पुलिस महानिदेशक ने सिविल अस्पताल फरीदाबाद और सुप्रीम अस्पताल में भर्ती घायलों से भी मुलाकात कर उनका हाल-चाल जाना।
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि इस हादसे में कुल 12 लोग घायल हुए थे, जिनकी स्थिति अब सामान्य है। सभी घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इनमें महिला सहायक उप निरीक्षक नीलम, महिला सिपाही शर्मिला, एसपीओ राजेश सहित अन्य नागरिक घायल शामिल हैं। इलाज के बाद पांच घायलों को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की जा रही है तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

