Faridabad/Alive News: सरकारी प्राइमरी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों के शैक्षणिक स्तर का आकलन करने के लिए शिक्षा विभाग की ओर से दो दिवसीय जनगणना ग्रुपिंग असेसमेंट आज से शुरू हो गया है। इस दौरान शिक्षक हिंदी और गणित विषयों में छात्रों की रुचि और ज्ञान का मूल्यांकन करेंगे।
शिक्षा विभाग ने यह जिम्मेदारी टीजीटी और पीजीटी शिक्षकों को सौंपी है। मूल्यांकन छात्रों की समझ, ज्ञान स्तर और स्कूलों में उपलब्ध शैक्षणिक सुविधाओं के आधार पर किया जाएगा। इसके बाद जिन स्कूलों में सुधार की आवश्यकता होगी, उन पर विभाग विशेष ध्यान देगा।
कक्षा 1 से 3 तक के छात्रों का होगा मूल्यांकन
शैक्षणिक स्तर में सुधार के उद्देश्य से कक्षा 1 से 3 तक के छात्रों के लिए हिंदी और गणित विषय में जनगणना ग्रुपिंग असेसमेंट का दूसरा चरण सोमवार और मंगलवार को आयोजित किया जा रहा है। इस दौरान शिक्षक छात्रों से प्रश्न पूछेंगे और उनके उत्तरों को निपुण ऐप पर ऑनलाइन अपडेट करेंगे। साथ ही छात्रों से संबंधित पूरा डेटा भी ऑनलाइन दर्ज किया जाएगा।
दो चरणों में हो रहा है मूल्यांकन
शिक्षा निदेशालय द्वारा छात्रों की शैक्षणिक गुणवत्ता का मूल्यांकन दो चरणों में किया जा रहा है। पहला चरण 15 और 16 सितंबर को आयोजित हुआ था। इसके बाद शिक्षकों को बच्चों को तैयार करने के लिए समय दिया गया। अब दूसरे चरण में दोबारा छात्रों के ज्ञान और सीखने की स्थिति का आकलन किया जा रहा है।
कमजोर प्रदर्शन वाले स्कूलों पर रहेगा विशेष फोकस
कक्षा 1 से 3 तक के प्रत्येक छात्र के शैक्षणिक प्रदर्शन का विस्तृत रिकॉर्ड ऑनलाइन ऐप के माध्यम से शिक्षा विभाग को भेजा जाएगा। इसके आधार पर शिक्षकों के कार्य की समीक्षा की जाएगी और भविष्य की शैक्षणिक योजनाएं तैयार होंगी। जिन स्कूलों के छात्रों का प्रदर्शन कमजोर पाया जाएगा, उन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा और इसके कारणों की भी जांच की जाएगी।
क्या कहना है ब्लॉक शिक्षा अधिकारी का
जनगणना ग्रुपिंग असेसमेंट का उद्देश्य सभी बच्चों को कुशल बनाना है। अगर शिक्षक बच्चों की कमजोरियों की पहचान करते हैं और लक्षित शिक्षण प्रदान करते हैं, तो प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता में महत्वपूर्ण सुधार संभव है। इससे वे भविष्य में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर पाएंगे। जिला शिक्षा विभाग ने शिक्षकों को ड्यूटी सौंपी है।
– धीरज सिंह, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, फरीदाबाद।

